महतारी वंदन योजना से मातृत्व को संबल
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार प्रदान कर रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्यभर में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कोण्डागांव जिले के ग्राम पंचायत बनचपई की निवासी श्यामबती कोर्राम इसका प्रेरक उदाहरण हैं।
महतारी वंदन योजना की लाभार्थी कोर्राम को योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से उनके बैंक खाते में प्राप्त हो रही है। इस आर्थिक सहयोग से वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सहजता से कर पा रही हैं, जिससे उनके जीवन में आत्मविश्वास और संतोष की भावना विकसित हुई है।
कोर्राम ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे अपनी दोनों बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से सुकन्या समृद्धि योजना के खाते में जमा कर रही हैं। साथ ही इस सहायता राशि से पौष्टिक आहार की व्यवस्था भी संभव हो पा रही है, जिससे पूरे परिवार के स्वास्थ्य स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है।12वीं तक शिक्षित श्यामबती कोर्राम के लिए महतारी वंदन योजना आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत आधार बनकर उभरी है। यह योजना उन्हें न केवल आर्थिक संबल प्रदान कर रही है, बल्कि समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का आत्मविश्वास भी दे रही है।
श्यामबती कोर्राम ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के जीवन में सुरक्षा, स्वाभिमान और सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बन रही है तथा माताओं को अपने बच्चों के भविष्य के प्रति आश्वस्त कर रही है।
भीषण गर्मी का कहर—स्कूलों में समय से पहले घोषित हुई गर्मियों की छुट्टियां
दमदम में पीएम मोदी का बड़ा हमला—“बंगाल का गौरव बचाने को TMC से मुक्ति जरूरी”
“बंगाल जीतकर दिल्ली पर कब्जा”: ममता बनर्जी का बीजेपी पर बड़ा हमला
जबलपुर से गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनें 16 घंटे लेट, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
प्यासे शहर की परेशानी बढ़ी: दूषित पानी पर मंच का विरोध प्रदर्शन
महिला आरक्षण पर सियासी घमासान, 27 अप्रैल को MP विधानसभा का विशेष सत्र
CM कुर्सी पर खींचतान के बीच दिल्ली पहुंचे डिप्टी CM, बोले- हवा खाने नहीं आया
फ्लोर टेस्ट में सियासी रोमांच, किसका पलड़ा भारी?
NMDC ने दंतेवाड़ा में ग्रामीण विकास की नई पहल शुरू की