हेराफेरी मामले में सेबी सख्त, सात लोगों पर लगाया बैन
मुंबई। देश के पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने शेयर बाजार में हेरफेर और धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए एक ही परिवार के सात लोगों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। इन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए 'पंप-एंड-डंप' (शेयरों के दाम कृत्रिम रूप से बढ़ाना और फिर बेचना) योजना चलाने का गंभीर आरोप है। इस अवैध खेल के जरिए इन लोगों ने भोले-भाले निवेशकों को जाल में फंसाकर 20.25 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा कमाया। सेबी ने इन सभी आरोपियों के प्रतिभूति बाजार (शेयर मार्केट) में कारोबार करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
पिता और बेटों ने बनाया 'ऑपरेटर' नेटवर्क, एसएमई शेयरों में की हेराफेरी
सेबी द्वारा जारी 234 पन्नों के विस्तृत अंतरिम आदेश के अनुसार, मुख्य आरोपी फिनफ्लुएंसर हेमंत गुप्ता और उनके दो बेटों—रोहन गुप्ता व अनिकेत गुप्ता ने इस पूरे रैकेट में 'ऑपरेटर' की भूमिका निभाई। ये तीनों बिना किसी पंजीकरण के अवैध रूप से रिसर्च एनालिस्ट (शोध विश्लेषक) के तौर पर काम कर रहे थे। इनका तरीका यह था कि ये पहले उन एसएमई (SME) शेयरों को खुद खरीद लेते थे जिनमें वॉल्यूम (कारोबार) बहुत कम होता था। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन शेयरों को लेकर झूठी और बढ़ा-चढ़ाकर तेजी की सिफारिशें फैलाते थे, जिससे आम निवेशक उन्हें खरीदने लगते और कीमतें आसमान छूने लगती थीं। जैसे ही दाम बढ़ते, यह परिवार अपने शेयर बेचकर मुनाफा कमा लेता था। इस काम में परिवार की चार अन्य महिलाओं—शेरोन, लीना, रजनी और पूर्वांगी गुप्ता ने अपने ट्रेडिंग खातों का इस्तेमाल करने देकर मदद की।
एक्स, व्हाट्सएप और टेलीग्राम का चक्रव्यूह: ऐसे फंसाते थे निवेशकों को
नियामक की जांच में सामने आया कि यह पूरी हेराफेरी 1 दिसंबर 2023 से 20 जनवरी 2026 के बीच की गई, जिसमें कुल 82 कंपनियों के शेयरों को निशाना बनाया गया। रोहन और अनिकेत अपने 'एक्स' (ट्विटर) हैंडल पर इन शेयरों में तेजी के पोस्ट डालते थे। इसके बाद पिता हेमंत गुप्ता इन जानकारियों और स्टॉक टिप्स को व्हाट्सएप व टेलीग्राम के बड़े ग्रुप्स में फैला देते थे। चालाकी यह की गई कि टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर तो शेयरों का बकायदा टारगेट प्राइस (लक्ष्य मूल्य) बताया जाता था, लेकिन नियामक (सेबी) की सीधी नजर से बचने के लिए 'एक्स' पर टारगेट प्राइस नहीं लिखा जाता था।
20 करोड़ से ज्यादा का अवैध मुनाफा, 242 फीसदी बढ़ा गुप्ता परिवार का प्रॉफिट
सेबी के आंकड़ों के मुताबिक, इस जांच अवधि के दौरान इन सात लोगों का कुल टर्नओवर 548 करोड़ रुपये से बढ़कर सीधे 1023 करोड़ रुपये (86% की बढ़ोतरी) पर पहुंच गया। वहीं इनका कुल प्रॉफिट 242 फीसदी की छलांग लगाकर 58.40 करोड़ रुपये हो गया। इसमें से अकेले रोहन और शेरोन गुप्ता ने सबसे ज्यादा 50.03 करोड़ रुपये कमाए। सोशल मीडिया पर मिलने वाली टिप्स के भरोसे निवेश करने वाले आम और छोटे रिटेल निवेशकों की जेब काटकर इस परिवार ने कुल 20.25 करोड़ रुपये का नेट अवैध लाभ कमाया।
सेबी का कड़ा एक्शन: प्रॉफिट जब्त करने और ट्रेडिंग पर तुरंत रोक के निर्देश
चूंकि हेमंत, रोहन और अनिकेत सेबी के पास पंजीकृत शोध विश्लेषक नहीं थे, इसलिए वे कानूनी रूप से किसी को भी स्टॉक की सलाह देने के पात्र नहीं थे। सेबी ने इसे निवेशकों के साथ बड़ा धोखा माना है। नियामक ने कड़ा रुख अपनाते हुए गुप्ता परिवार को निर्देश दिया है कि वे कमाए गए 20.25 करोड़ रुपये के अवैध लाभ को संयुक्त या अलग-अलग रूप से तुरंत सरेंडर (जब्त) करें। इसके साथ ही, अगले आदेश तक ये सभी लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शेयर बाजार में किसी भी तरह की खरीद-बिक्री नहीं कर सकेंगे।
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