सेबी ने सात कंपनियों को बाजार से प्रतिबंधित किया
नई दिल्ली । सेबी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सात कंपनियों को बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। इन कंपनियों में पाचेली इंडस्ट्रियल फाइनेंस, अभिजीत ट्रेडिंग, कैलिक्स सिक्योरिटीज, हिबिस्कस होल्डिंग्स, अवेल फाइनेंशियल सर्विसेज, एडॉप्टिका रिटेल इंडिया और सल्फर सिक्योरिटीज शामिल हैं। सेबी ने कहा की पाचेली इंडस्ट्रियल ने गैर-प्रवर्तकों के रूप में वर्गीकृत छह संस्थाओं से 1,000 करोड़ कर्ज लिया, जिसे तरजीही आवंटन के जरिये इक्विटी में बदल दिया। लेकिन कर्ज और पैसा सिर्फ कागजों में घुमाया गया। जिनके दिखावे कर्ज देने के थे, उन्हें कंपनी के 99.28 फीसदी शेयर मिल गए। सेबी के अनुसार इन कंपनियों ने लाखों की मात्रा में धोखाधड़ी की और दिखावा किया कि उन्हें कर्ज के लिए पूंजी की जरूरत है, जबकि वास्तव में उनके पास पूंजी थी। इसके कारण इन कंपनियों का शेयर मार्केट में दिखना बंद किया गया था और सेबी ने इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई लेने का निर्णय लिया। इस प्रतिबंध के चलते इन कंपनियों के शेयरों की मौजूदगी बाजार में नहीं होगी और निवेशकों को संबंधित शेयरों की खरीद-बिक्री के लिए कोई संभावना नहीं है। इन कंपनियों के खिलाफ ऐसे कदम उठाने के माध्यम से सेबी ने निवेशकों की सुरक्षा और पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास किया है और वह इस प्रक्रिया में और भी कड़ी कार्रवाई कर सकती है। यह घटना बाजार में एक तहलका पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के विश्वास को चुनौती देने वाला है। इसे लेकर विभिन्न ऑफिशियल्स और मार्केट वॉचडॉग्स अपने तर्क दे रहे हैं और इस पर विवाद संदेश जारी कर रहे हैं।
डायबिटीज कंट्रोल से लेकर दिल की सेहत तक, मखाना क्यों है सुपरफूड?
तंबाकू के धुएं से बढ़ता है आंखों की बीमारियों का खतरा, रहें सतर्क
छात्रों से मुलाकात के बाद केजरीवाल का हमला, ‘लोकतंत्र में ऐसी कार्रवाई चिंताजनक’
HC का बड़ा फैसला, अब मेदांता अस्पताल में होगा सोनम वांगचुक का उपचार
रेड सी में हूती हमलों का असर, समुद्री व्यापार पर बढ़ा खतरा
पत्नी से तकरार के बाद युवक ने पेट्रोल डालकर लगाई आग, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
अरिजीत सिंह की दर्दभरी आवाज़ में आया 'आवारापन 2' का टाइटल ट्रैक, इमरान हाशमी का इश्क फिर हुआ बयां
खरगे का बड़ा फैसला, जन्मदिन समारोह से दूरी; बोले- देश के मुद्दों पर ध्यान जरूरी
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, बोले- विधानसभा में जनता के मुद्दों पर जवाब देने से बच रही सरकार