भोपाल में फिर बढ़ी सांस संबंधी बीमारियाँ, ब्रोंकाइटिस के मामलों में 30% इजाफा
भोपाल: कोरोना वायरस के खत्म होने के बाद लोग अभी इसे भूलने ही लगे थे कि एक बार फिर से ऐसी खबरें आने लगी हैं। एमपी में भोपाल शहर के अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, उल्टी, पेट दर्द और फेफड़ों में संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कोरोना जैसे ब्रोंकाइटिस के मरीजों की संख्या में 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। इनके लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते बताए जा रहे हैं। हालांकि, श्वसन रोग चिकित्सा संस्थानों ने कोरोना के लक्षणों से इनकार किया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि इस तरह की बीमारी ज्यादातर उन लोगों को हो रही है जिन्हें एलर्जी की बीमारी है या वे नियमित दवा लेते हैं। अगर आपको भी शरीर में ऐसे कोई लक्षण दिखें तो तुरंत एहतियात बरतना शुरू कर दें।
ये सावधानियां बरतें:
● बाहर निकलते समय एन95 मास्क पहनें
● एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें
● अस्थमा और सीओपीडी की नियमित दवा लें
● लक्षणों में बदलाव होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
10 बेड का डेंगू वार्ड तैयार
डेंगू को लेकर जिला अस्पताल अलर्ट मोड पर आ गया है। जेपी अस्पताल में डेंगू के लिए 10 बेड का वार्ड तैयार किया गया है। इस दौरान डॉक्टरों की टीम ने वार्ड का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान निर्णय लिया गया कि यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो उसी हिसाब से बेड की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
15 जून से बढ़ने लगेंगे डेंगू के मरीज
डॉक्टरों का कहना है कि 15 जून के बाद मानसून शुरू होते ही डेंगू के मरीज बढ़ने लगेंगे। बताया गया कि बारिश होते ही एडीज मच्छरों का प्रजनन काल शुरू हो जाता है। जेपी अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू वार्ड में मरीजों के लिए बेड तैयार कर दिए गए हैं।
Devi Bhagavata Purana का रहस्य: कौन हैं Durga के स्वामी?
क्या आज भी पृथ्वी पर हैं Hanuman? Ramayana के बाद की रहस्यमयी कथा
1.5 लाख बाराती, 7500 किलो चावल… मदुरै की महारानी की शादी का शाही जलवा
महादेव भी करते हैं इस राम मंत्र का जप? जानें सही समय और गुप्त लाभ
हर संकट का समाधान: श्री राम ध्यान मंत्र का अर्थ, लाभ और जप विधि
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव