जनसेवा मित्रों ने जम्बूरी मैदान में प्रदर्शन कर दी चेतावनी
भोपाल । राजधानी के जम्बूरी मैदान में जुटे हजारों जनसेवा मित्रों ने सरकार को तीन दिन का समय देते हुए चेतावनी दी है कि अगर उन्हें स्थायी नहीं किया गया और उनकी सेवाओं को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए गए तो वे अनिश्चित कालीन धरने पर बैठकर आंदोलन करेंगे। शिवराज के कार्यकाल में इन जनसेवा मित्रों को मुख्यमंत्री का दूत भी कहा जाता रहा है जो ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की छोटी से छोटी सूचनाएं सरकार तक पहुंचाते रहे हैं।
शनिवार सुबह जम्बूरी मैदान में तंबू लगाकर बैठे इन जनसेवा मित्रों द्वारा सरकार से अपने अधिकार और हक की लड़ाई लडऩे की तैयारी की जा रही है। इनमें महिला जनसेवा मित्र भी बढ़ चढक़र शामिल हो रही हैं। स्थायी रोजगार की मांग को लेकर यहां डटे जनसेवा मित्रों का कहना है कि वे आज के आंदोलन में सरकार को चेताने के साथ हरदा में हुए विस्फोट के आहतों के लिए रक्तदान भी कर रहे हैं ताकि जिन्हें जरूरत हैं उन्हें आसानी से जीवन रक्षा के लिए रक्त मिल सके। इन जनसेवा मित्रों के टीम लीडर ऋतुराज यादव ने बताया कि पिछले साल जब पंचायत सचिव और पटवारी हड़ताल पर थे तो जनसेवा मित्रों ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के आह्वान पर दिन रात काम किया और मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को सफल बनाया। चुनाव के 15 दिन पहले पूर्व सीएम चौहान ने कहा था कि जनसेवा मित्रों के रोजगार पर कोई संकट नहीं आएगा। वे सरकार में रहे या न रहें, जनसेवा मित्रों की भूमिका प्रभावित नहीं होगी। अब मोहन यादव की सरकार में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
कोई कुछ नहीं बता रहा
यादव ने कहा कि शिवराज द्वारा नियुक्त किए गए जनसेवा मित्रों की इंटर्नशिप 31 जनवरी को खत्म हो गई है। इसके बाद सभी 9300 जनसेवा मित्रों के सेवाएं खत्म हो गई हैं और अब सरकार न तो यह बता रही है कि वे अभी काम करते रहेंगे या फिर बाहर निकाल दिए जाएंगे जबकि इसको लेकर सभी जिलों में विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों व अफसरों को पत्र देकर उनके संज्ञान में मामला लाया जा चुका है। आंदोलन करने वाले जनसेवा मित्रों ने कहा कि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि जनसेवा मित्रों का काम बंद नहीं होगा। उन्हें स्थायी रोजगार दिया जाएगा। स्वामी विवेकानंद केंद्र बनाकर उसका संचालन जनसेवा मित्रों के द्वारा कराकर रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। हर 50 परिवार पर एक जनसेवा मित्र नियुक्त किया जाएगा जो उन 50 परिवारों की चिंता करेगा और सरकार तक सूचना पहुंचाएगा। फील्ड में आने जाने के लिए पेट्रोल खर्च भी दिया जाएगा। वेतन में इजाफा किया जाएगा।
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