कसडोल| छत्तीसगढ़ पुलिस ने कसडोल हत्याकांड मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले चार महीनों के भीतर हुई 8 संदेहास्पद मौतों के रहस्य से पर्दा उठाते हुए पुलिस ने साइको किलर रामसहाय जायसवाल (46 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ 8 हत्याओं और एक हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, बलौदाबाजार जिले के ग्राम खर्वे में लगातार हो रही 8 रहस्यमयी मौतों से ग्रामीण दहशत में थे। ग्रामीणों ने 6 जून 2026 को कसडोल SDOP को एक आवेदन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। ग्रामीणों ने गांव के ही रहने वाले रामसहाय जायसवाल पर गहरा शक जताया था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने थाना प्रभारी प्रवीण मिंज, साइबर थाना प्रभारी प्रणाली वैद्य और अन्य पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम गठित की, जिसका नेतृत्व SDOP कौशल किशोर वासनिक कर रहे थे।

मौत से ठीक पहले सभी पीड़ित आरोपी से मिले थे

जांच शुरू करते ही पुलिस ने दफनाए गए शवों को बाहर निकलवाकर रायपुर भेजा, जबकि एक मृतक बुधराम जायसवाल का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था। पुलिस ने जब कॉल रिकॉर्ड्स और हर संभावित एंगल को खंगाला, तो उन्हें एक बड़ा सुराग हाथ लगा।

कुछ समय पहले रामसहाय ने कार्तिक नाम के एक व्यक्ति को भी शराब पिलाई थी, जिसके बाद वह गंभीर रूप से बीमार हो गया था। अस्पताल से ठीक होकर लौटने के बाद कार्तिक ने पुलिस को आपबीती सुनाई। कार्तिक के बयान के आधार पर जब पुलिस ने तफ्तीश आगे बढ़ाई, तो पता चला कि मरने वाले सभी 8 लोग अपनी मौत से ठीक पहले रामसहाय से मिलने गए थे।

हत्या का तरीका: आरोपी सभी को धोखे से शराब में जहर मिलाकर पिला देता था। पकड़े जाने से बचने के लिए वह पीड़ितों के बीमार होने पर उनसे अस्पताल में मिलने भी जाता था और उनकी मौत के बाद अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो।

आखिर क्यों दी रामसहाय ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम?

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि रामसहाय ने जिन 8 लोगों की जान ली, उनके पीछे अलग-अलग वजहें थीं। इनमें पुरानी दुश्मनी, जमीन का विवाद, पत्नी पर बुरी नजर रखने का शक, जादू-टोना का वहम और ब्याज पर लिए गए पैसों का लेन-देन शामिल था।

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि इंसानों को अपनी कूटनीति का शिकार बनाने और जहरीली शराब पिलाने से पहले, इस शातिर हत्यारे ने एक कुत्ते पर इसका ट्रायल (परीक्षण) भी किया था।