जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे: सुरक्षा और तकनीक का शानदार उदाहरण
मध्य प्रदेश के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे का 12 किलोमीटर हिस्सा तकनीक और सुरक्षा के लिहाज से चर्चा में है। यह मार्ग नौरादेही वाइल्डलाइफ सेंचुरी से होकर गुजरता है, जहां सैकड़ों जंगली जानवर रहते हैं। पुराने टू-लेन मार्ग पर हादसे आम थे। अब 122 करोड़ रुपये की लागत से इसे फोरलेन बनाया गया है, जिसमें सुरक्षा और पर्यावरण दोनों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
टेबल टॉप मार्किंग से बढ़ी सुरक्षा
सड़क की सतह पर 5 मिमी मोटी लाल रंग की ‘टेबल टॉप मार्किंग’ की गई है। यह तकनीक वाहन चालक को हल्का झटका देकर सतर्क करती है। ध्यान भटकने या नींद आने पर यह चेतावनी देती है और गति नियंत्रित रखने में मदद करती है।
अंडरपास और वन्यजीव संरक्षण
इस 12 किमी मार्ग में कुल 25 अंडरपास बनाए गए हैं। इन अंडरपास से जंगली जानवर सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकते हैं। यह वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ा सुधार है और नौरादेही अभ्यारण्य में हादसों को कम करने में मदद करेगा।
समय पर पूरा हुआ प्रोजेक्ट
वाइल्डलाइफ विभाग से 2020 में अनुमति मिलने के बाद 2021 में निर्माण शुरू हुआ। 2025 तक इसे पूरा कर लिया गया। हाईवे पर लाल रंग की मार्किंग और फोरलेन डिजाइन ड्राइविंग को सुरक्षित और यादगार बनाते हैं। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जो इस परियोजना की तकनीकी और सौंदर्यात्मक उत्कृष्टता को दिखाती हैं।
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