हिजबुल्लाह के आतंकवादी ठिकानों का इजरायल ने किया खुलासा
गाजा । इजरायली सेना, आईडीएफ ने हिजबुल्लाह के आतंकवादी ठिकानों पर एक बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार लेबनान के अल साहेल अस्पताल के नीचे हिजबुल्लाह का एक बंकर है, जिसमें 50 करोड़ डॉलर से अधिक का सोना और नकद रखा गया है। इस बंकर को हिजबुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह का ठिकाना माना जा रहा है। आईडीएफ ने दावा किया है कि यह सीक्रेट बंकर दक्षिण बेरूत में स्थित है और यहाँ अरबों के सोने और नकद का भंडार है। भारतीय मुद्रा में इस खजाने की कीमत लगभग 4194 करोड़ रुपए है।
आईडीएफ के एक प्रवक्ता ने कहा कि इजरायली वायु सेना ने हिजबुल्लाह के इन वित्तीय ठिकानों पर सटीक हमले किए, जिसका उद्देश्य इस आतंकवादी संगठन की फंडिंग क्षमताओं को कमजोर करना था। हगारी ने बताया कि इस बंकर में लाखों डॉलर की नकदी और सोना है, जिसका उपयोग हिजबुल्लाह इजरायल पर हमलों के लिए करता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हमले में यह धन पूरी तरह से नष्ट हुआ या नहीं। उन्होंने कहा कि हमारे अनुमान के मुताबिक इस बंकर में कम से कम 50 करोड़ डॉलर की नकदी और सोना रखा हुआ है। यह पैसा लेबनान के पुनर्निर्माण के लिए उपयोग किया जा सकता था। उन्होंने एक नक्शा भी पेश किया, जिसमें बंकर के स्थान को दिखाया गया है।
इजरायल ने लेबनानी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अपील की है कि वे हिजबुल्लाह को आतंक के लिए और इजरायल पर हमले के लिए फंडिंग करने से रोकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह के खिलाफ युद्ध कर रहा है, न कि लेबनानी लोगों के खिलाफ। यह भी कहा गया कि आईडीएफ अस्पताल पर हमला नहीं करेगा, लेकिन हिजबुल्लाह से जुड़े अन्य ठिकानों पर निगरानी रखी जाएगी। इससे पहले इजरायल ने एक बैंक पर हमला किया था, जिसका संबंध हिजबुल्लाह से था, जो इस संगठन की वित्तीय गतिविधियों पर नकेल कसने के इजरायल के प्रयासों का हिस्सा था।
सचिन तेंदुलकर ने दी गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं
अजीत अगरकर के कार्यकाल को लेकर बढ़ी चर्चा
MP में नौकरी के नाम पर बड़ा फ्रॉड: ऑर्डिनेंस फैक्ट्री का झांसा देकर 30 लाख ठगे
Berasia में 2 साल से खुदी सड़कें, देरी पर भड़का गुस्सा
Awadhesh Pratap Singh University में रामायण और बघेली शोधपीठ स्थापित होगी
बलरामपुर में प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा में बड़ा घोटाला
किसान का 84 क्विंटल बकाया धान खरीदने के निर्देश
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की सख्ती, फायर स्टेशनों की कमी पर चिंता
Mauganj में संबल योजना में ‘मौत का मुनाफा’, गरीबों के हक पर डाका
अमेरिका में ब्याज दरें जस की तस, Federal Reserve ने नहीं किया कोई बदलाव