मौसम की मार को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
भोपाल। इन दिनो घने कोहरे के कारण हादसो की आंशका को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने इससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडवायजरी में कोहरे में गाड़ी चलाने के दौरान लोगों को सतर्क और सावधान रखने की अपील की गई है। पुलिस का मानना है कि कोहरे के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो सड़क हादसों से बचा जा सकता है। चालको को वाहनों में आगे और पीछे फॉग लैंप लगवाने की सलाह दी गई है। इस लैंप से दूर के साथ ही वाहन के आसपास के क्षेत्र में साफ दिखाई देता है। कोहरे के दौरान वाहन की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए,क्योंकि इस दौरान सड़क भी गीली रहती है, जिससे वाहन के स्लिप होने का खतरा बना रहता है। वाहन चालक प्रयास करें की किसी वाहन को ओवरटेक न करें। वाहन की हेड लाइट लो बीम पर जलाएं, हाई बीम पर लाइट जलाने से रिफलेक्शन सीधे आंखों पर पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। पार्किंग, फोग लाइट, चारों इंडीकेटर के बटन ऑन रखने चाहिए, ताकि आसपास के क्षेत्र में मौजूद अन्य वाहनों को साफ देखा जा सके। आगे चलने वाले वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाकर वाहन चलाए। तीस किलोमीटर प्रतिघंटे की तरफ्तार से चलने वाले वाहन से करीब दस फीट की दूरी बनाकर रखनी चाहिए, इससे ज्यादा स्पीड में वाहन चल रहा है, तो दूरी भी ज्यादा होनी चाहिए। कार में डी-फास्टर एडजस्ट, विंडशील्ड वाइपर और हीटर ऑन रखना चाहिए, वाहन चलाते समय इयरफोन, मोबाइल का उपयोग नहीं करना चाहिए और टेप रिकार्ड भी बंद रखना चाहिए, कोहरा छंटने के बाद फोग लैंप बंद रखें और बार-बार लेन बदलने से बचें।
राशिफल 23 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कृषि, पशुपालन और उद्यम से जुड़ी धरमजयगढ़ की महिलाएं अब स्थानीय बीजों और अनाजों से बना रहीं राखियां
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन
अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई
मल्हार में खुली छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा
विश्व कप के रण में मध्यप्रदेश का गौरव: हॉकी इंडिया की विश्व कप टीम में हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन
मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर