जीएसटी पोर्टल हुआ डाउन, करदाताओं की परेशानी बढ़ी
जीएसटी पोर्टल शुक्रवार (10 जनवरी) को डाउन हो गया। तकनीकी दिक्कतों के चलते पोर्टल पर टैक्स फाइलिंग नहीं हो सकी। जीएसटी फाइल करने की डेडलाइन से ठीक पहले पोर्टल क्रैश होने से देशभर के करदाताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आपको बता दें कि जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 11 जनवरी है। ऐसे में पोर्टल डाउन होने की वजह से लाखों करदाता समय पर रिटर्न दाखिल नहीं कर पा रहे हैं। अब करदाताओं ने रिटर्न दाखिल करने के लिए और समय देने और इसकी आखिरी तारीख बढ़ाने की मांग की है।
डेडलाइन बढ़ाने की मांग तेज
जीएसटी पोर्टल की दिक्कत को देखते हुए व्यापारियों और करदाताओं ने जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन बढ़ाने की मांग की है। करदाताओं ने कहा है कि डेडलाइन 11 जनवरी से बढ़ाकर 13 जनवरी की जाए। अगर जीएसटी दाखिल करने की तारीख नहीं बढ़ाई गई तो हमें दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह से टैक्स क्रेडिट और कैश फ्लो पर बुरा असर पड़ सकता है।
जीएसटीएन का स्पष्टीकरण
जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोर्टल डाउन होने पर प्रतिक्रिया दी। जीएसटीएन ने लिखा, "हम तकनीकी दिक्कतों से अवगत हैं और जल्द ही समाधान उपलब्ध कराएंगे। शुक्रवार को एक अपडेट में कहा गया था कि पोर्टल दोपहर 12 बजे तक चालू हो सकता है। हालांकि, जीएसटी पोर्टल दोपहर 3 बजे तक डाउन रहा। पोर्टल पर मैसेज आ रहा था कि यह "निर्धारित डाउनटाइम है, हम अपनी सेवाएं बढ़ा रहे हैं।" दोपहर 3 बजे तक सेवाएं चालू हो जाएंगी।
इनपुट टैक्स क्रेडिट पर पड़ेगा असर
जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में देरी से कारोबारियों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पर भी असर पड़ेगा। जीएसटीआर-1 डेटा के बिना जीएसटीआर-2बी तैयार नहीं किया जा सकता। इससे कारोबारियों को अपनी जीएसटी देनदारियों का भुगतान नकद में करना पड़ सकता है, जिससे उनका कैश फ्लो प्रभावित होगा।
इस बारे विशेषज्ञ की राय
इस मुद्दे पर टैक्स विशेषज्ञों ने भी चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को ऐसी समस्याओं से बचने के लिए बैकअप सिस्टम तैयार करना चाहिए। सीबीआईसी से अनुरोध किया गया है कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से ले और जीएसटी दाखिल करने की समयसीमा को तुरंत बढ़ाए।
सीबीआईसी ने अभी तक कोई घोषणा नहीं की है
सीबीआईसी ने अभी तक जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि, जीएसटीएन ने इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट पेश की है। विशेषज्ञों का मानना है कि करदाताओं को राहत देने के लिए समयसीमा बढ़ाई जा सकती है। देशभर के व्यापारी अब सीबीआईसी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
आपत्तिजनक आचरण पर कड़ा रुख, जवाब नहीं तो सीधी कार्रवाई
Amit Shah का हमला—‘बंगाल में खाता भी नहीं खोल पाएगी कांग्रेस’, Rahul Gandhi पर साधा निशाना
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर, ईरानी सेना की जहाजों पर फायरिंग
Mallikarjun Kharge के बयान पर बवाल, BJP प्रतिनिधिमंडल ने EC से की मुलाकात
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बना रनवे, वायुसेना ने दिखाया दमखम
क्या आपका पीरियड फ्लो कम हो गया है? तनाव और डाइट हो सकते हैं जिम्मेदार
UP Board Result 2026: कल 4 बजे आएगा रिजल्ट, Amar Ujala पर मिलेगा डायरेक्ट लिंक
कर्नाटक में होमस्टे में विदेशी महिला से दुष्कर्म, नशीला पेय देने का आरोप; दो गिरफ्तार
तिलक वर्मा की 'विराट' उपलब्धि: गुजरात के 11 धुरंधरों पर भारी पड़ा मुंबई का यह अकेला शूरवीर।
अंबिकापुर: पर्पल होटल संचालक को नगर निगम का नोटिस, तालाब की जमीन से हटेगा अवैध कब्जा