जीजीयू के विद्यार्थियों ने सिखा मिल्की व पैड़ी मशरुम उत्पादन विधि
बिलासपुर । गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में स्वावलंबी छत्तीसगढ़ योजना के अंतर्गत स्थापित मशरूम उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र में 57 विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार के मशरूम उत्पादन के संबंध संबंध में दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। ग्रामीण प्रौद्योगिकी एवं सामाजिक विकास विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ दिलीप कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय में पढऩे वाले विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन एवं प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना माननीय कुलपति प्रो आलोक कुमार चक्रवाल ने की है, जिसके तहत विभिन्न विभागों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को लगातार स्वालंबी बनने हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है। वर्तमान में इस मशरूम उत्पादन केंद्र में ऑयस्ट्र मशरूम के साथ-साथ मिल्की मशरूम तथा पैडी मशरूम का भी उत्पादन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण मे विद्यार्थियों को मशरूम के अन्य उत्पाद जैसे की मशरूम की बड़ी, मशरूम अचार, मशरूम बिजौरी, मशरूम पाउडर एवम सुखा मशरूम आदि बनाने के लिए भी प्रशिक्षण दिया जा रहा हैष् ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग के प्राध्यापक प्रो पुष्पराज सिंह ने विद्यार्थियों को मशरूम के अपशिष्ट पदार्थ से खाद बनने की विभिन्न विधियों के बारे मे बताया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कौशल विकास प्रकोष्ठ के नोडल ऑफिसर प्रो एस सी श्रीवास्तव तथा वानिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ गुंजन पाटिल एवं डॉ भावना दीक्षित ने भी अपने विचार रखें।
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
पहाड़ से जंगल तक पक्के घर: छिंदवाड़ा प्रधानमंत्री की गुड लिस्ट में टॉप
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?