चार पर्यटक आवास गृह पीपीपी मोड पर विकसित होंगे
लखनऊ । पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के निर्देश पर पर्यटन विभाग हरदोई, आगरा, मथुरा, ललितपुर जिले में स्थित इन राही पर्यटक आवास गृहों को पीपीपी मोड पर विकसित करेगा। शुक्रवार को प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम की उपस्थिति में चार विकासकर्ताओं के साथ एग्रीमेंट हुआ। इन परियोजनाओं के निवेशकों को राज्य पर्यटन नीति-2022 के अन्तर्गत अनुमन्य लाभ एवं प्रोत्साहन प्रदान किया जायेंगे। यह निवेश घरेलू तथा अन्तर्राष्ट्रीय पर्यटकों को प्रदेश में पर्यटन गन्तव्यों के भ्रमण एवं उत्कृष्ट अनुभव हेतु प्रोत्साहित करेगा।
यह जानकारी देते हुए प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में बहुत तेजी से विकास कर रहा है। पर्यटक सुविधाओं पर हमारा विशेष जोर हैं। उन्होंने बताया कि हमारी कोशिश है कि पर्यटक यहां से विशिष्ट अनुभव लेकर लौटें। प्रदेश में 35 राही पर्यटक आवास गृह हैं, इसमें 09 राही पर्यटक आवास गृहों को पहले ही पीपीपी मोड पर दिया जा चुका है। आज और चार का एग्रीमेंट हुआ है, शेष 22 के लिए कार्रवाई चल रही है। उन्होंने विकासकर्ताओं से कहा कि आप आगंतुकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखें। उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। राज्य सरकार का प्रयास है कि पर्यटक आपकी विशेषताओं को यादगार के रूप में लेकर जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पर्यटक आवास गृहों को जनोपयोगी बनाने एवं पर्यटकों के लिए उच्च स्तरीय सुविधायें विकसित करने तथा प्रदेश में निजी निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) मोड पर विकसित व संचालित कराये जाने का निर्णय लिया है। निजी क्षेत्र के प्रशिक्षित, विशेषज्ञ संस्थाओं व निवेशकों द्वारा इन इकाइयों का निर्माण एवं संचालन होने से इन गंतव्य स्थलों पर पर्यटकों को बेहतर आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिससे राजस्व में वृद्धि होगी।
प्रमुख सचिव ने बताया कि मथुरा शहर में स्थित राही पर्यटक आवास गृह, आगरा के बटेश्वर में स्थित राही पर्यटक आवास गृह, ललितपुर में देवगढ़ में स्थित राही पर्यटक आवास गृह, हरदोई स्थित राही पर्यटक आवास गृह सांडी झील का अनुबंध हुआ। इन इकाईयों का संरक्षण व कायाकल्प किये जाने के उद्देश्य से निजी क्षेत्र के लिए पूंजी निवेश के द्वारा खोले गए हैं। इससे न केवल प्रदेश में निजी पूंजी निवेश को आकर्षित किया जा सकेगा, अपितु रोजगार सृजन, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ सरकार को राजस्व की प्राप्ति भी होगी। इन पर्यटक आवास गृहों को विभाग द्वारा अनुमोदित बिजनेस प्लान के अनुरूप होटल, माइस एक्टिविटी सेन्टर, रिज़ॉर्ट, म्यूजियम, रेस्टोरेन्ट, बुटिक रेस्टोरेण्ट, बैंक्वेट हाल, वेडिंग टूरिज्म, एडवेन्चर टूरिज्म, होम-स्टे, थीमैटिक पार्क, वेलनेस सेन्टर, अन्य टूरिज्म, हास्पिटेलिटी यूनिट के लिए उपयोग किया जा सकेगा।
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