BJP नेता की सनसनीखेज हत्या मामले में चार आरोपियों का आत्मसमर्पण
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत ब्लॉक अंतर्गत आने वाले नौगई गांव में पिछले दिनों घटित हुए दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड मामले में पुलिस प्रशासन को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले के चार नामजद आरोपियों ने कानूनी शिकंजे से बचने के लिए आखिरकार पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है। हालांकि, इस खूनी साजिश में शामिल एक अन्य आरोपी अब भी कानून की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
त्रिपाठी परिवार के चार सदस्यों ने किया आत्मसमर्पण, 4 पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कानूनी दबाव के चलते आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों की पहचान मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी के रूप में हुई है। गौरतलब है कि इस जघन्य वारदात के तुरंत बाद मुस्तैद कोरिया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार अन्य संदिग्धों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक हुई गिरफ्तारियों और सरेंडर के बाद स्थानीय राजनीति में भी हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि इस वारदात को अंजाम देने और साज़िश रचने वाले पक्षों में सत्तारूढ़ दल से जुड़े कुछ स्थानीय रसूखदार चेहरों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
अवैध रेत और ठेकेदारी की पुरानी दुश्मनी में फूंक दी फॉर्च्यूनर कार
इस सनसनीखेज वारदात की पृष्ठभूमि में इलाके में लंबे समय से फल-फूल रहा रेत का काला कारोबार और ठेकेदारी का विवाद मुख्य वजह बनकर सामने आया है। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के महलपारा निवासी भारत सिंह उर्फ लल्ला सिंह (जो कि भाजपा के स्थानीय नेता भी थे) का अपने पैतृक गांव में गिट्टी क्रेशर का व्यवसाय था और उन्होंने पास ही एक रेत खदान भी लीज (पट्टे) पर ले रखी थी।
इसी व्यावसायिक वर्चस्व को लेकर लल्ला सिंह के गुट का त्रिपाठी परिवार से पुराना विवाद चला आ रहा था। 16 जून की काली रात को यह आपसी रंजिश खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। विरोधियों ने सोची-समझी रणनीति के तहत लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर कार को चारों तरफ से घेरा और उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। इस बर्बर हमले में लल्ला सिंह की कार के भीतर ही जिंदा जलने से तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वहीं, घटना में गंभीर रूप से झुलसे उनके साथी वीरेंद्र सिंह ने भी बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस जानलेवा हमले में घायल अन्य तीन लोगों को अंबिकापुर के अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद अत्यंत नाजुक हालत में रायपुर के एक विशेष बर्न सेंटर रेफर किया गया है।
9 आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज, गहन जांच में जुटी पुलिस
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड के बाद पूरे कोरिया जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कुल नौ आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास और दंगा भड़काने जैसी आईपीसी/बीएनएस की गंभीर व संगीन धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के उच्च अधिकारी इस पूरे नेक्सस (गठजोड़) को बेनकाब करने के लिए बेहद खामोशी और बारीकी से साक्ष्य जुटा रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि फरार चल रहे आखिरी आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरी वारदात का आधिकारिक तौर पर पटाक्षेप कर दिया जाएगा।
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