कर्मचारियों की स्वास्थ्य बीमा योजना अधर में
भोपाल । मध्य प्रदेश में राज्य के कर्मचारियों की स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर लेतलाली सामने आई है। राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उठाया है और योजना को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है। सिंह ने पत्र में कहा है कि 4 जनवरी 2020 को मंत्रिपरिषद ने कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना को मंजूरी दी थी, लेकिन तीन साल बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है। वर्तमान में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नियमों के तहत जब प्रदेश, संभागीय या जिला बोर्ड द्वारा स्वीकृति जारी की जाती है, तो कर्मचारियों को कुल व्यय का मात्र 20 से 30 प्रतिशत ही मिल पाता है।
कर्मचारी संघ ने बताया कि अगर कोई कर्मचारी या अधिकारी खुद स्वास्थ्य बीमा कराता है, तो उसे सालाना 25 से 30 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं। मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार, न्यूनतम अंशदान के आधार पर स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने से सभी कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर्स सहमत हैं। कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि कोरोना काल के बाद गंभीर बीमारियों के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सेवारत कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना को तुरंत लागू किया जाए, जिससे उन्हें समय पर स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिल सके।
श्री विश्वकर्मा महापंचायत संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक 30 को बैठक में होंगे कई महत्वपूर्ण निर्णय
बंगाल में बेटियां सुरक्षित नहीं: रैली में Yogi Adityanath का बड़ा बयान
इंदौर में ‘स्वच्छ इंदौर, स्वस्थ इंदौर महाअभियान 2.0’ की शुरुआत
VIT भोपाल में टाइफाइड का कहर, 40+ छात्र संक्रमित
अमेरिका में नया बिल, H-1B कटौती से भारतीयों पर असर तय?
जेवर हड़पने की साजिश: बहू ने रची फर्जी डकैती, खुद ही गायब किए गहने
‘एक बच्चा RSS को दे दो’—बाबा बागेश्वर के बयान से सियासत गरमाई
कांग्रेस ने जारी की नई टीम, युवाओं और अनुभवी नेताओं का संतुलन