सूडान में बारिश और बाढ़ से 138 लोगों की मौत
खार्तूम । सूडान में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 138 हो गई है। सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक 10 राज्यों में भारी बारिश के कारण 138 लोगों की मौत हुई है। मंत्रालय ने कहा, बारिश के कारण कुल 138 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि 31,666 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इसमें 129,650 से अधिक लोग शामिल हैं। इसके अलावा 12,420 घर पूरी तरह से ढह गए हैं। इतना ही नहीं बारिश और बाढ़ से प्रभावित सूडान के पांच राज्यों में हैजा के 102 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा पांच लोगों की मौत भी हुई है। यहां सक्रिय मामले 1,223 हैं और आठ लोगों की मौत हुई है।
सूडान में बाढ़ एक प्रमुख समस्या है। यहां जून और अक्टूबर के बीच बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण जान-माल का काफी नुकसान हुआ है और कृषि भूमि को भी नुकसान पहुंचा है। इस साल बारिश के मौसम ने सूडान में मानवीय संकट को और बढ़ा दिया है, जो पहले से ही सूडानी सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के बीच घातक संघर्ष से जूझ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, सूडान में लगभग 10.7 मिलियन लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हैं, जिसमें लगभग 2.2 मिलियन लोग विदेशों में शरण ले रहे हैं। शनिवार को काफी मात्रा में बारिश होने से लाल सागर के तट पर स्थित पोर्ट सूडान के उत्तर में अरबत क्षेत्र में बाढ़ आ गई। जलस्तर बढ़ने से अरबत बांध टूट गया और कई गांव बह गए हैं। इस बांध का निर्माण 2003 में किया गया था। ताकि सूखे की समस्या से निजात मिल सके। लेकिन, बीते कई सालों से इस बांध का रखरखाव नहीं किया गया है।
नल का जल बना सहारा, राधिका की बदली जिंदगी
ट्रंप बोले: ईरान युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा, ब्रिटेन और फ्रांस पर भी किया बयान
सामुदायिक जवाबदेही से ही जल जीवन मिशन होगा सफल : मंत्री उइके
वर्षा की हर एक बूंद के संचयन का संकल्पबद्ध होकर करेंगे प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारत में ड्रोन हमले की साजिश नाकाम, NIA ने एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिक गिरफ्तार
पीएम योजना के तहत विद्यार्थियों ने कोलकाता में लिया ज्ञान-विज्ञान का अनुभव
आंगनबाड़ी केन्द्रों में ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम : पोषण, शिक्षा और जनभागीदारी का राज्यव्यापी अभियान
राष्ट्रपति मुर्मु से मिले राज्यपाल पटेल
हर हाथ को काम, हर खेत को पानी, यही हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव