दूसरे बड़े मंगल के दिन आजमाएं ये आसान उपाय, संकटमोचन दूर करेंगे सभी संकट, जीवन बनेगा खुशहाल
हिंदू धर्म में बड़े मंगल का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है. खासतौर पर ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगलवार बजरंगबली की पूजा के लिए बेहद शुभ माने जाते हैं. इसी पावन दिन हनुमानजी की पहली भेंट भगवान श्रीराम से हुई थी. इसलिए बड़े मंगल का महत्व और बढ़ जाता है. इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से हनुमानजी की आराधना करने से भक्तों को विशेष कृपा प्राप्त होती है. उज्जैन के ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष होता है, वे यदि बड़े मंगल पर विशेष उपाय और पूजा करते हैं तो दोष का प्रभाव कम होने लगता है और जीवन में सुख-शांति आती है.
शास्त्रों के अनुसार, भगवान श्रीराम और हनुमानजी की पहली मुलाकात ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही हुई थी, इसी कारण ज्येष्ठ माह के दौरान पड़ने वाले सभी मंगलवार को बड़ा मंगल के नाम से पुकारा जाता है. हनुमान जी की पूजा हर मंगलवार के दिन की जाती है, लेकिन इस विशेष दिन उनकी पूजा करने का महत्व अलग ही है. इसी अनुसार 12 मई को ज्येष्ठ माह का दूसरा मंगलवार यानि बड़ा मंगल है.
जरूर करे दूसरे बड़े मंगल पर यह उपाय
जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर होता है. उन्हें दूसरे बड़े मंगल के दिन हनुमान जी को लाल फूल अर्पित कर श्रद्धा से पूजा करनी चाहिए. इसके साथ ही “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना बेहद शुभ माना गया है. यह उपाय मंगल दोष को शांत करता है और विवाह में आ रही बाधाओं को भी दूर करने में सहायक होता है.
दूसरे बड़े मंगल के दिन अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए बजरंगबली को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है.धार्मिक मान्यता है कि इससे हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं.जीवन में आ रही बाधाएं दूर होने लगती हैं,रुके हुए कार्यों में सफलता मिलती है और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है.
दूसरे बड़े मंगल के शुभ अवसर पर हनुमान जी की पूजा करते समय बजरंगबली को बूंदी या बेसन के लड्डुओं का भोग अवश्य लगाएं. मान्यता है कि इसके साथ श्रद्धा भाव से हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करने से जीवन के कष्ट, बाधाएं और नकारात्मकता दूर होने लगती हैं. बजरंगबली की कृपा से सुख, शांति और साहस का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
ज्योतिष शास्त्र में दूसरे बड़े मंगल के दिन सुंदरकांड का पाठ बेहद शुभ माना गया है. मान्यता है कि श्रद्धा से इसका पाठ करने पर घर की नकारात्मकता दूर होती है और वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है. साथ ही बजरंगबली और मंगल देव की कृपा प्राप्त होती है, जिससे सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है.
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