कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नौगई गांव से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के समीप रहने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता और नामचीन व्यवसायी भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की उनकी ही फॉर्च्यूनर कार के भीतर जिंदा जलाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों द्वारा लगाई गई आग इतनी विकराल थी कि लग्जरी गाड़ी चंद मिनटों में कंकाल बन गई और वाहन के भीतर मौजूद भाजपा नेता का शरीर पूरी तरह खाक हो गया। इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड से पूरे इलाके में भारी तनाव है, जिसे देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 4 मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि 3 अन्य अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं।

रेत खदान के विवाद और आपसी रंजिश में वारदात, 9 पर केस दर्ज

कोरिया जिला पुलिस प्रशासन ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात पूरी तरह से पुरानी दुश्मनी और आपसी रंजिश का नतीजा है। पुलिस ने इस हत्याकांड में कुल 9 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की है। तफ्तीश और संदेह के आधार पर पुलिस ने जिन चार आरोपियों को हिरासत में लिया है, उनके नाम अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी बताए गए हैं। पुलिस की कई टीमें फरार चल रहे बाकी हमलावरों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

रेत के अवैध खनन को लेकर चल रहा था पुराना विवाद

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोनहत के नौगई गांव में रहने वाले भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह के करीबी रिश्तेदार नागेंद्र सिंह के बेटे ने नौगई रेत घाट का आधिकारिक ठेका लिया हुआ था। इस घाट से रेत के अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन को रोकने व वर्चस्व की लड़ाई को लेकर उनका स्थानीय निवासी व भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार के साथ काफी समय से मनमुटाव और हिंसक विवाद चल रहा था। यही विवाद अंततः इस खूनी खेल की वजह बना।

डंपर अड़ाकर घेरा रास्ता, फिर कार पर उड़ेल दिया पेट्रोल

चश्मदीदों के अनुसार, देर रात करीब 12 बजे मनोज त्रिपाठी के गुट से जुड़े दर्जनों हथियारबंद लोगों ने भरत सिंह के पैतृक आवास को चारों तरफ से घेर लिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने भरत सिंह की फॉर्च्यूनर कार के आगे अपना डंपर अड़ाकर उनका रास्ता पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। इसके बाद हमलावरों ने कार को चारों तरफ से घेरकर उस पर ताबड़तोड़ पेट्रोल छिड़का और माचिस लगा दी।

जिस वक्त कार धूं-धूं कर जलने लगी, उस समय गाड़ी के भीतर भरत सिंह, उनके भाई व पेशे से शिक्षक नागेंद्र सिंह, प्रांतीय राजधानी रायपुर के निवासी वीरू सिंह समेत एक अन्य व्यक्ति मौजूद थे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमलावरों ने कार के दरवाजे बाहर से लॉक कर दिए थे और भीतर फंसे लोगों को जान बचाकर भागने का कोई मौका नहीं दिया, जिसके कारण भरत सिंह जिंदा जल गए और अन्य लोग भी गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस मामले की हर कोण से जांच कर रही है।