अखिलेश यादव ने किया तंज: "ईद पर बैरिकेडिंग, क्या यह तानाशाही या इमरजेंसी है?
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश पुलिस पर ईद के मौके पर लखनऊ में उनके काफिले को रोकने का आरोप लगाया और बैरिकेडिंग पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपनी कार्रवाई के लिए कोई कारण नहीं बताया और योगी सरकार की आलोचना करते हुए इसे तानाशाही और आपातकाल जैसा कृत्य बताया.
अखिलेश यादव ने कहा, ‘जब मैं आज यहां (ईद समारोह में शामिल होने) आ रहा था तो जानबूझकर मुझे पुलिस ने रोका. आधे घंटे तक बातचीत करने के बाद मुझे आगे जाने दिया गया. जब मैंने जानना चाहा कि आखिरकार ऐसा क्यों किया जा रहा है तो किसी अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं था. क्या ऐसा दबाव इसलिए बनाया जा रहा है कि हम दूसरे लोगों के समारोह में शामिल ना हों? बीजेपी यह देश संविधान से नहीं चला रही है.’
त्योहार ना मना पाएं इसलिए ऐसी बैरिकेडिंग की- अखिलेश
उन्होंने कहा, ‘हम वक्फ की बात कर रहे हैं. 80 करोड़ लोगों की प्रति व्यक्ति आय क्या है, ये लोग नोटबंदी लाए, जीएसटी लाए. ये जो काम करते हैं वो अपने पॉलिटिकल फायदे के लिए करते हैं. लोग त्योहार ना मना पाएं इसलिए ऐसी बैरिकेडिंग की, ऐसा कभी नहीं देखा. इसको मैं तानाशाही समझूं, इमेरजेंसी समझूं, क्या समझूं?’
अखिलेश यादव ने कहा, ‘आज पूरे प्रदेश, देश और दुनिया के सभी लोगों को मैं आज बहुत-बहुत मुबारकबाद देता हूं. ईद का त्योहार हम सभी एक-दूसरे से गले मिलकर खुशी के साथ मनाते हैं और उम्मीद करते हैं कि हम सब गले मिलकर एक-दूसरे का सम्मान करें. यही हमारे देश की खूबसूरती है, जहां पर अलग-अलग धर्म के रास्ते पर चलने वाले लोग एक साथ मिलकर रहते हैं.’
PDA के चलते बीजेपी अखिलेश को रोक रही- सपा
वहीं, समाजवादी पार्टी ने कहा, ‘भाजपा सरकार की आत्मा में नफरत घुस चुकी है, भाजपा सरकार जिस तरह का असम असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक एवं नफरती व्यवहार आजकल दलित पिछड़ा नेताओं के साथ कर रही है वो अस्वीकार्य है. अखिलेश यादव देश के दलित पिछड़ा PDA के सर्वोच्च नेतृत्वकारी नेता हैं और डरी हुई भाजपा सरकार अखिलेश यादव को रोकने का हर असंवैधानिक अलोकतांत्रिक प्रयास कर रही है जो निंदनीय है. दलितों पिछड़ों मुसलमानों यानी PDA के पक्ष में आवाज उठाने के कारण ऐसा भाजपा सरकार कर रही है, लेकिन समाजवादी लोग डरेंगे नहीं.’
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