भारी बारिश के बीच दहला महाराष्ट्र, कई जिलों में महसूस हुए भूकंप के झटके
मुंबई: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में आने वाले नांदेड़, हिंगोली और परभणी जिलों में गुरुवार को भूकंप के कई हल्के झटके महसूस किए गए। आधी रात से लेकर तड़के सुबह के बीच अचानक धरती हिलने से लोगों के बीच हड़कंप मच गया और कई इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों से बाहर खुले मैदान की तरफ भाग खड़े हुए। गनीमत यह रही कि इस प्राकृतिक हलचल के कारण अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है, जिससे प्रशासन और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
मध्यरात्रि के बाद डोली धरती, दहशत में आए लोग
स्थानीय सूत्रों और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भूगर्भीय झटके एक के बाद एक कई बार महसूस किए गए। जब ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे, तभी अचानक बिस्तरों और घरों के बर्तनों के हिलने की आवाज से उनकी नींद टूट गई। भूकंप का अहसास होते ही ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षा के लिहाज से तुरंत सुरक्षित और खुले स्थानों पर एकत्र हो गए। हालांकि, शुरुआती जांच में सभी तीन जिलों से किसी भी बड़ी संरचनात्मक क्षति की बात सामने नहीं आई है।
हिंगोली का वसमत तालुका रहा केंद्र
शुरुआती वैज्ञानिक आंकड़ों के मुताबिक, इन भूकंपीय झटकों का मुख्य केंद्र बिंदु हिंगोली जिले के वसमत तालुका के अंतर्गत आने वाले शिरली और पांगरा शिंदे गांव के आसपास का इलाका बताया जा रहा है। जमीन के भीतर करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर हुई इस हलचल का असर पड़ोसी जिलों नांदेड़ और परभणी के भी कई कस्बों और गांवों में साफ तौर पर देखा गया। इस पूरे बेल्ट में पिछले कुछ समय से लगातार महसूस हो रही भूगर्भीय गतिविधियों की वजह से स्थानीय लोगों में एक अनजाना डर बना हुआ है।
प्रशासन की सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील
इस घटना के तुरंत बाद स्थानीय जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी तरह एक्टिव मोड में आ गई हैं। अधिकारियों ने सभी प्रभावित जिलों के आपातकालीन केंद्रों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता से पैनिक न होने यानी धैर्य बनाए रखने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सतर्क रहें।
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