नौगई हिंसा के बाद कानून-व्यवस्था पर फोकस, धारा 163 लागू कर प्रशासन ने कसी कमान
कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के अंतर्गत आने वाले सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में हुए भीषण खूनी संघर्ष और जघन्य वारदात के बाद इलाके में उपजे भारी तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। स्थिति की संवेदनशीलता को भांपते हुए कोरिया जिला कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने घटना से जुड़े और चिन्हित किए गए संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है। दूसरी ओर, इस खौफनाक वारदात से आक्रोशित पीड़ित परिवार ने दोषियों को फांसी की सजा देने और उनके अवैध ठिकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग की है।
पेट्रोल डालकर कार फूंकने के मामले में अब तक दो की मौत, तीन की हालत गंभीर
इस दर्दनाक मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, नौगई गांव में मंगलवार की देर रात आपसी रंजिश के चलते एक कार में सवार पांच लोगों पर पेट्रोल उड़ेलकर उन्हें जिंदा जलाने की रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को अंजाम दिया गया था। इस वीभत्स आगजनी में एक व्यक्ति ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया था, जबकि एक अन्य घायल ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। इस घटना में झुलसे तीन अन्य लोगों का इलाज अभी भी अस्पताल में जारी है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। मामले में दो मौतों के बाद मृतक लल्ला सिंह के परिजनों, रिश्तेदारों और समर्थकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने शहर की फिजा और शांति व्यवस्था बिगड़ने की गंभीर आशंका जताई है।
दोषियों के आशियाने पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़े परिजन
इस बर्बरतापूर्ण कांड के बाद मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोरतम न्याय की गुहार लगाई है। प्रशासन और आला अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखते हुए पीड़ित परिवार ने कहा कि दोषियों को उनके इस क्रूर कृत्य के लिए सीधे फांसी के फंदे पर लटकाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उनके घरों और संपत्तियों पर तत्काल बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस तरह के खूनी खेल को खेलने की जुर्रत न कर सके।
इन तीन प्रमुख इलाकों में रहेगा प्रतिबंध, चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात
बिगड़ते हालातों पर नियंत्रण पाने और उग्र प्रदर्शनों को रोकने के लिए प्रशासन ने मृतक लल्ला सिंह के गृह निवास महल पारा (बैकुंठपुर), मुख्य वारदात स्थल ग्राम नौगई और कटगोड़ी स्थित लल्ला सिंह के क्रेशर प्लांट परिसर के पूरे दायरे में धारा 163 लागू कर दी है। इस सरकारी आदेश के जारी होने के बाद अब इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी स्थान पर पांच या पांच से अधिक लोगों के एक जगह जमा होने, रैली निकालने, घेराव करने या किसी भी प्रकार के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक रहेगी।
इलाके में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल और सशस्त्र जवानों की तैनाती कर दी गई है। खुद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर कैंप किए हुए हैं और हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर बारीक नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया या किसी भी माध्यम से भड़काऊ अफवाह फैलाने वाले या कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ बिना किसी रियायत के सीधे जेल भेजने की सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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