मौसम बदल रहा है, अपनी सेहत को न करें नजरअंदाज; अपनाएं ये जरूरी टिप्स
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित देश के कई हिस्सों में जून का महीना मौसम के कई अनोखे रंग दिखा रहा है। जहाँ एक तरफ चुभती धूप और लू के थपेड़े लोगों को बेहाल कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अचानक तेज आंधी के साथ आ रही बारिश गर्मी से तो राहत दे रही है, लेकिन अपने साथ कई मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा रही है। वातावरण में आने वाले इस अचानक उतार-चढ़ाव का सीधा और सबसे पहला प्रहार हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) पर पड़ता है। ऐसे में थोड़ी सी भी असावधानी स्वास्थ्य को बिगाड़ सकती है।
चिकित्सकों के मुताबिक, इस बदलते दौर में नवजात बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र वाले लोगों को दोगुनी सावधानी बरतने की आवश्यकता है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर हम अपनी दैनिक दिनचर्या, खान-पान की आदतों, स्वच्छता और शरीर में पानी के स्तर पर विशेष ध्यान दें, तो मौसम के इन दुष्प्रभावों से पूरी तरह सुरक्षित रहा जा सकता है। आइए जानते हैं इस मौसम में खुद को ऊर्जावान और निरोगी बनाए रखने के 8 मुख्य उपाय:
बदलते मौसम में फिट रहने के 8 मूल मंत्र
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जल का स्तर बनाए रखें (हाइड्रेशन): जून की भीषण तपिश और उमस के कारण शरीर से पसीने के जरिए जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं। शरीर में पानी की कमी होने पर चक्कर आना, माइग्रेन, मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी महसूस होने लगती है। इसलिए प्रतिदिन कम से कम 3 से 4 लीटर साफ पानी पिएं। सादे पानी के अलावा नींबू पानी, ओआरएस का घोल और छाछ का सेवन बेहद गुणकारी है।
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सुपाच्य और सात्विक आहार लें: मौसम बदलने पर हमारी पाचन अग्नि मंद पड़ जाती है। ऐसे में ज्यादा तेल-मसाले, जंक फूड या बाहर के खुले खाने से पूरी तरह तौबा कर लें। भोजन में ताजी हरी सब्जियां, सलाद, मौसमी फल और दही जैसी ठंडी चीजों को प्राथमिकता दें, जो पेट को दुरुस्त और शरीर को ऊजार्वान रखती हैं।
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कड़क धूप से सीधा बचाव: दोपहर के वक्त निकलने वाली तेज पराबैंगनी किरणें और गर्म हवाएं 'हीट स्ट्रोक' (लू लगना) का कारण बन सकती हैं। यदि दोपहर में बाहर जाना बेहद जरूरी हो, तो सिर को सूती कपड़े या टोपी से ढकें, चश्मे का प्रयोग करें और हमेशा हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े ही पहनें।
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प्रतिरोधक क्षमता को दें मजबूती: तापमान के बार-बार बदलने से वायरल इंफेक्शन, सर्दी, खांसी और मौसमी बुखार का प्रकोप बढ़ता है। अपनी इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे कि संतरा, मौसमी, आंवाला और कीवी को अपनी डाइट का नियमित हिस्सा बनाएं।
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हाइजीन और साफ-सफाई पर विशेष जोर: गर्मी और नमी वाले इस मौसम में हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस बहुत तेजी से पनपते हैं। इसलिए व्यक्तिगत स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें। कुछ भी खाने से पहले या बाहर से घर लौटने पर हाथों को सैनिटाइजर या साबुन से अच्छी तरह धोएं और केवल उबला या पूरी तरह शुद्ध पानी ही पिएं।
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सुकून की नींद है जरूरी: मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त विश्राम आवश्यक है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, एक वयस्क के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है। अच्छी नींद लेने से हमारा इम्यून सिस्टम रीचार्ज होता है और तनाव का स्तर घटता है।
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भीगने पर तुरंत बरतें एहतियात: प्री-मानसून की दस्तक के कारण जून में अचानक बौछारें पड़ना आम बात है। यदि आप अचानक हुई बारिश में भीग जाते हैं, तो ज्यादा देर तक गीले कपड़ों में न रहें। इससे फंगल इंफेक्शन और निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। घर आते ही बदन पोंछकर सूखे कपड़े पहनें और गुनगुना पानी पिएं।
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शारीरिक सक्रियता (व्यायाम): मौसम कैसा भी हो, शरीर को एक्टिव रखना जरूरी है। सुबह या शाम के वक्त कम से कम 30 मिनट का हल्का योग, प्राणायाम या वॉक करने से शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है, जो मौसमी संक्रमणों से लड़ने के लिए शरीर को प्राकृतिक रूप से तैयार करता है।
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