अमेरिका में जासूसी केस पर बड़ा खुलासा, पत्रकार ने माना अपना दोष
वाशिंगटन / बीजिंग: चीन में लंबे समय से रह रहे एक वरिष्ठ अमेरिकी पत्रकार थॉमस पाउकेन द्वितीय ने अमेरिकी अदालत में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। थॉमस ने स्वीकार किया है कि वह बिना किसी कानूनी अनुमति या पंजीकरण के बीजिंग (चीन) के लिए एक गुप्त एजेंट (जासूस) के रूप में काम कर रहा था। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, थॉमस पाउकेन चीनी सरकार के इशारे पर अमेरिका की खुफिया जानकारियां जुटाने और वहां के प्रभावशाली लोगों के बीच पैठ बनाकर चीन के पक्ष में माहौल तैयार करने का काम कर रहा था।
सरकारी मीडिया की आड़ में रचा जासूसी का जाल
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि आरोपी पत्रकार थॉमस पाउकेन साल 2010 से ही चीन में डेरा डाले हुए था। उसने अपनी जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों को छिपाने के लिए बीजिंग के कई बड़े सरकारी मीडिया संस्थानों को अपना ढाल बनाया और वहां एक पत्रकार के रूप में काम करता रहा। पत्रकारिता की आड़ में उसने कई संवेदनशील जानकारियां चीनी आकाओं तक पहुंचाईं।
1 सितंबर को होगा सजा का एलान, 10 साल के लिए जाएगा जेल
अदालत में अपना गुनाह कबूल करने के बाद अब थॉमस पर कानून का शिकंजा पूरी तरह कस गया है:
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सजा की तारीख: अमेरिकी कोर्ट आगामी 1 सितंबर को थॉमस पाउकेन की सजा का एलान करेगी।
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अधिकतम सजा: जासूसी का दोषी पाए जाने और बिना अनुमति विदेशी सरकार के एजेंट के रूप में काम करने के जुर्म में थॉमस को अधिकतम 10 साल की जेल की सजा हो सकती है।
हाई-प्रोफाइल राजनीतिक परिवार से है संबंध
थॉमस पाउकेन का यह मामला इसलिए भी अमेरिकी गलियारों में सुर्खियां बटोर रहा है क्योंकि उसका परिवार अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा रसूख रखता है। थॉमस के पिता अमेरिका के टेक्सास राज्य में रिपब्लिकन पार्टी के अध्यक्ष जैसी बेहद प्रतिष्ठित और ताकतवर भूमिका निभा चुके हैं। ऐसे में एक हाई-प्रोफाइल राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार के सदस्य का चीन के लिए जासूसी करना अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है। मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने के लिए अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां अब भी जांच में जुटी हुई हैं।
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