रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का दौर लगातार जारी है। गुरुवार को राजधानी रायपुर के माना मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि धमतरी जिला 45.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ पूरे प्रदेश में सबसे गर्म इलाका रहा। रायपुर में बीते पांच दिनों के भीतर ही पारे में 5 डिग्री तक का भारी उछाल आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह भीषण स्थिति तब बनी हुई है जब अभी तक नौतपा की शुरुआत भी नहीं हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ सकता है।

कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार; प्रमुख शहरों का हाल

गुरुवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी ने तीखे तेवर दिखाए। राजधानी के अलावा बेमेतरा में पारा 45.4 डिग्री, बालोद में 44.7 डिग्री, कवर्धा में 44.7 डिग्री और बिलासपुर में 44.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा अन्य प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:

  • बिलासपुर: 44.6°C

  • रायपुर: 44.0°C

  • अंबिकापुर: 42.0°C

  • पेंड्रा रोड: 42.0°C

  • दुर्ग: 41.0°C

  • राजनांदगांव: 41.0°C

25 मई से शुरू होगा नौतपा, 48 डिग्री तक जा सकता है पारा

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आगामी 25 मई से नौतपा का प्रारंभ होने जा रहा है, जो 2 जून तक चलेगा। इस दौरान लू (हीट वेव) और भीषण गर्मी का दोहरा प्रकोप देखने को मिलेगा। नौतपा के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की अतिरिक्त बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे राज्य के कुछ हिस्सों में पारा 48 डिग्री या उससे ऊपर भी जा सकता है। हालांकि, इस भीषण तपिश के बीच स्थानीय प्रभाव से कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई गई है।

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास एक चक्रवातीय परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आने वाली ठंडी और नम हवाओं का रास्ता रुक गया है, जिससे नौतपा से पहले ही पूरा प्रदेश भट्ठी की तरह तपने लगा है।

दोपहर में बाहर न निकलने की हिदायत, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता को विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बेहद जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। इस मौसम का सबसे बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ सकता है। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), उल्टी और दस्त के बढ़ते मामलों की आशंका को देखते हुए शासन ने सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।

सीएम विष्णु देव साय के कड़े निर्देश: पानी की किल्लत बर्दाश्त नहीं

इस बीच, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के सिलसिले में कोरिया जिले में आयोजित एक ग्रामीण चौपाल के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कड़े शब्दों में समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि इस भीषण गर्मी में प्रदेश के किसी भी गांव या नगरीय निकाय (शहरों) में पीने के पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए। पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही या रुकावट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राहत की खबर: 13 जून को बस्तर के रास्ते दाखिल होगा मानसून

भीषण गर्मी से बेहाल प्रदेशवासियों के लिए राहत की बात यह है कि इस साल मानसून अपने तय समय से पहले आ रहा है। सामान्य तौर पर 1 जून को केरल पहुंचने वाला मानसून इस बार 26 मई को ही केरल के तट पर दस्तक दे देगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 13 जून को जगदलपुर (बस्तर) के रास्ते मानसून का प्रवेश होगा। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में मानसूनी हवाएं राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के बाकी हिस्सों को सराबोर करेंगी, जिससे लोगों को इस जानलेवा गर्मी से पूरी तरह निजात मिल सकेगी।