युवक को उतारने जबलपुर से पहुंची रेस्क्यू टीम, बिजली लाइनें बंद
जबलपुर: पाटन तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम खमरिया कला तेंदूखेड़ा में आज सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक युवक अपनी जान जोखिम में डालकर 33 केवी की हाईटेंशन लाइन के ऊंचे टावर पर जा चढ़ा। बिज्जू आदिवासी नामक इस पच्चीस वर्षीय युवक को इतनी ऊंचाई पर देख ग्रामीणों के बीच हड़कंप मच गया और देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लग गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को जैसे ही इसकी भनक लगी, उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मोर्चा संभाला और अनहोनी को टालने के लिए बिजली की आपूर्ति बंद करवाई, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन को सुरक्षित अंजाम दिया जा सके।
हाईटेंशन टावर पर चढ़ने से गांव में मची अफरा-तफरी
सुबह करीब सात बजे जब गांव के लोग अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तब बिज्जू अचानक गांव की गलियों से होता हुआ खेत में लगे विशाल बिजली टावर के पास पहुंचा और उस पर चढ़ना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने उसे रोकने के लिए काफी शोर मचाया और नीचे उतरने की मिन्नतें कीं, लेकिन वह किसी की सुनने को तैयार नहीं था और देखते ही देखते करीब 150 फीट की खतरनाक ऊंचाई तक जा पहुंचा। युवक की इस जानलेवा हरकत की खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और हर कोई उसे सुरक्षित नीचे उतारने की जुगत लगाने लगा।
पुलिस और प्रशासनिक अमले की कड़ी मशक्कत
सूचना मिलते ही पुलिस और तहसील प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने युवक से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी देर तक समझाइश दी, लेकिन मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहे युवक पर उनकी बातों का कोई असर नहीं हो रहा था। स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से संबंधित विद्युत फीडर से सप्लाई कटवाई ताकि करंट लगने का कोई खतरा न रहे। स्थानीय स्तर पर सफलता न मिलने के बाद जिला मुख्यालय जबलपुर से विशेष रेस्क्यू टीम को बुलवाया गया ताकि युवक को सकुशल नीचे लाया जा सके।
युवक की मानसिक स्थिति और पुरानी आदतें
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिज्जू की इस तरह की गतिविधियों का इतिहास पुराना है और वह पहले भी दो-तीन बार इसी तरह बिजली के टावरों पर चढ़कर हंगामा खड़ा कर चुका है। पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके कारण वह अक्सर इस तरह के आत्मघाती कदम उठा लेता है। गांव वालों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि हर बार उसकी इस जिद की वजह से न केवल उसकी जान खतरे में पड़ती है, बल्कि पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था भी घंटों तक बाधित रहती है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और भविष्य की सुरक्षा पर चिंता
जबलपुर से पहुंची रेस्क्यू टीम ने अपनी विशेषज्ञता और आधुनिक उपकरणों के माध्यम से ऊंचे टावर पर चढ़कर युवक को काबू में करने की रणनीति तैयार की। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान गांव में तनाव का माहौल बना रहा और लोग टकटकी लगाए टावर की ओर देखते रहे। अधिकारियों का कहना है कि युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद उसे उचित चिकित्सीय और मानसिक परामर्श केंद्र भेजा जाएगा ताकि भविष्य में वह दोबारा ऐसी खतरनाक हरकत न कर सके। साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील बिजली टावरों के आसपास सुरक्षा घेरा बनाया जाए ताकि कोई भी आसानी से उन पर न चढ़ पाए।
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