Rajnath Singh का SCO से पाकिस्तान को सीधा संदेश—आतंकवाद अब बर्दाश्त नहीं
बीजिंग। बिश्केक (किर्गिस्तान) में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा को लेकर बेहद आक्रामक और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने पाकिस्तान जैसे देशों का नाम लिए बिना सीमा-पार आतंकवाद और इसे संरक्षण देने वाली ताकतों को कड़ा संदेश दिया।
यहाँ रक्षा मंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदु दिए गए हैं:
आतंकवाद पर "जीरो टॉलरेंस" और दोहरे मानदंडों का विरोध
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद किसी भी देश की संप्रभुता के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
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सख्त रुख: उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर "दोहरे मानदंड" (Double Standards) स्वीकार्य नहीं हैं।
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जवाबदेही: SCO को उन देशों के खिलाफ कड़े कदम उठाने चाहिए जो आतंकवादियों को वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण या सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं।
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ऑपरेशन सिंदूर: उन्होंने इस ऑपरेशन का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी कि अब आतंकी ठिकाने सजा से बच नहीं पाएंगे। भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
मानवता के खिलाफ अपराध और 'तियानजिन घोषणा'
राजनाथ सिंह ने पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को याद करते हुए इसे पूरी मानवता को झकझोर देने वाली घटना बताया।
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उन्होंने 'तियानजिन घोषणा' का जिक्र किया, जो आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर "शून्य सहिष्णुता" (Zero Tolerance) की नीति का समर्थन करती है।
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उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद का कोई धर्म या राष्ट्रीयता नहीं होती और किसी भी शिकायत को निर्दोषों की हत्या का बहाना नहीं बनाया जा सकता।
बदलती वैश्विक व्यवस्था और गांधीवादी विचार
बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव और एकतरफावाद (Unilateralism) पर चिंता जताते हुए रक्षा मंत्री ने शांति का मार्ग सुझाया:
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शांति की अपील: उन्होंने महात्मा गांधी के प्रसिद्ध कथन का हवाला दिया— "आंख के बदले आंख की सोच पूरी दुनिया को अंधा बना देती है।"
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मानवीय दृष्टिकोण: उन्होंने कहा कि किसी भी संघर्ष या निर्णय का सबसे बुरा असर गरीब और जरूरतमंद लोगों पर पड़ता है, इसलिए शांति और आपसी सहमति ही एकमात्र रास्ता है।
SCO और भारत की प्रतिबद्धता
रक्षा मंत्री ने SCO के क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक ढांचे (RATS) की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत कट्टरपंथ, उग्रवाद और अलगाववाद को जड़ से खत्म करने के लिए संगठन के साथ पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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