वेदांता प्लांट हादसे पर मचा बवाल, 1 करोड़ मुआवजे की मांग तेज
सक्ती|सक्ती जिले में 14 अप्रैल की दोपहर वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे में अब तक 20 मजदूरों के मौत हो गई है. इस हादसे में घायल हुए 16 मजदूर अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. वहीं हादसे को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है|
मजदूर संघ ने 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की
मजदूर संघ ने हादसे में मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है. संघ के द्वारा जारी पत्र में लिखा कि- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता समूह के पावर प्लांट में बॉयलर फटने से 19 निर्दोष श्रमिकों की मृत्यु की हृदयविदारक घटना पर भारतीय मजदूर संघ (BMS) छत्तीसगढ़ प्रदेश गहरा दुख और कड़ा रोष व्यक्त करता है, बी.एम.एस. का आरोप है कि यह दुर्घटना केवल एक संयोग नहीं, बल्कि प्रबंधन की लाभखोरी और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी का परिणाम है|
वहीं भारतीय मजदूर संघ ने पत्र में लिखा कि- मृतक श्रमिकों के परिवारों के लिए कंपनी द्वारा घोषित राशि अपर्याप्त है, प्रत्येक पीड़ित परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए, साथ ही, घायलों के उपचार का पूरा खर्च कंपनी वहन करे और उन्हें उचित बीमा लाभ प्रदान किया जाए|
सक्ती पावर प्लांट हादस में 20 मजदूर की मौत
यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुआ, जहां अचानक बॉयलर फटने से जोरदार ब्लास्ट हुआ. विस्फोट के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए. इस हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो गई है|
कंपनी ने किया 35-35 लाख की आर्थिक मदद का ऐलान
वहीं हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने आर्थिक मदद का एलान किया है. मृतक के परिजनों को 35-35 लाख रुपये मिलेगा. इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का भी एलान किया गया है. घायलों को 15 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी|
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
रालोद में अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, 10 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार
एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरी तरफ मायावती का बड़ा राजनीतिक संदेश
कमाई बढ़ी, लेकिन घाटा भी बढ़ा; FY26 में PhonePe के वित्तीय नतीजे चौंकाने वाले