अमरावती कांड: नाबालिगों के शोषण पर सख्ती, पुलिस की छापेमारी जारी
अमरावती | महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा में नाबालिगों के साथ कथित शोषण और ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद सिंगुरी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया गया है। इस एसआईटी में कुल 11 अधिकारी और करीब 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिनमें दो महिला अधिकारी भी हैं। इसके अलावा लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) और साइबर सेल के अधिकारी भी इस टीम का हिस्सा हैं।पुलिस के अनुसार, अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, चार अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस ने पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पीड़ितों की पहचान गुप्त रखने की अपील
एसपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी हालत में पीड़ितों की पहचान उजागर न करें। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों से कहा है कि वे नियुक्त महिला अधिकारियों से गोपनीय तरीके से संपर्क करें और अपनी सुविधा के अनुसार बयान दर्ज कराएं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सभी बयान पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखे जाएंगे।
सख्त कार्रवाई की मांग
दूसरी ओर इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल खराब नहीं किया जाना चाहिए और पुलिस को निष्पक्ष जांच करने दी जानी चाहिए।
आरोपी के घर पर कार्रवाई
बता दें कि इससे पहले मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने उसके घर के अवैध हिस्सों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच और तेज कर दी गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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