पश्चिम मध्य रेलवे को मिला नया महाप्रबंधक, दिलीप कुमार सिंह ने संभाली कमान
भोपाल। पश्चिम मध्य रेल (WCR) के नए महाप्रबंधक के रूप में इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ सिग्नल इंजीनियर (IRSSE) वर्ष-1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी दिलीप कुमार सिंह ने पदभार ग्रहण किया है। वे भारतीय रेल के एक अनुभवी एवं कुशल अधिकारी हैं, जिन्हें सिग्नल, दूरसंचार, संरक्षा एवं प्रशासनिक कार्यों में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव प्राप्त है। सिंह इससे पूर्व रेलवे बोर्ड में प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर/विजिलेंस के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने रेलवे में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सतर्कता तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सिंह ने आईआईटी रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक (B.E.) की उपाधि प्राप्त की है। अपने सेवा काल में उन्होंने भारतीय रेल के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) के क्षेत्र में व्यापक अनुभव अर्जित किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत उत्तरी रेलवे के फिरोजपुर मंडल में असिस्टेंट सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर (ASTE) के रूप में की। इसके पश्चात वे इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन ऑर्गेनाइजेशन फॉर टेलीकॉम (IRCOT), रेलवे विद्युतीकरण परियोजनाओं तथा सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन (CORE) में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। सिंह ने उत्तर मध्य रेलवे एवं पूर्व मध्य रेलवे में निर्माण, आईआरपीएमयू, मंडल एवं मुख्यालय स्तर पर कार्य किया है। वे रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में लखनऊ क्षेत्र के महाप्रबंधक के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (SAG) में उन्होंने अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक/आगरा, मुख्य संचार इंजीनियर/उत्तर मध्य रेलवे, कार्यकारी निदेशक (टेलीकॉम)/आरडीएसओ तथा मंडल रेल प्रबंधक/अलीपुरद्वार (पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। इसके पश्चात उच्च प्रशासनिक ग्रेड (HAG) में वे एसडीजीएम/उत्तर मध्य रेलवे/प्रयागराज के पद पर रहे। सिग्नल एवं दूरसंचार के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले सिंह ने आधुनिक सिग्नलिंग एवं दूरसंचार प्रणालियों के विकास एवं क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। महाप्रबंधक, पश्चिम मध्य रेल के रूप में उनकी प्राथमिकताओं में रेल संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना, परिचालन दक्षता एवं समयपालन में सुधार, अधोसंरचना विकास (नई लाइन, दोहरीकरण/तिहरीकरण, विद्युतीकरण आदि) को गति देना, यात्री सुविधाओं का विस्तार तथा प्रशासनिक पारदर्शिता को सुदृढ़ करना शामिल है। जबलपुर मुख्यालय वाला पश्चिम मध्य रेल देश के महत्वपूर्ण रेल जोनों में से एक है, जहां भारी माल परिवहन के साथ-साथ बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनों का संचालन होता है। सिंह के नेतृत्व में इस जोन के समग्र विकास एवं सेवा गुणवत्ता में और अधिक सुधार की अपेक्षा है।
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