पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, BJP की चार्जशीट पर TMC का जोरदार पलटवार
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव के चलते आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ 'आरोप-पत्र' जारी किया। अब इस पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पलटवार करते हुए भाजपा के खिलाफ 'चार्जशीट' जारी की है। तृणमूल कांग्रेस ने न केवल भाजपा-शासित राज्यों में महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए, बल्कि मणिपुर में जातीय हिंसा और बंगाल में डिटेंशन कैंप मॉडल लागू करने की भाजपा की कथित मंशा पर भी तीखा हमला बोला।
मणिपुर तीन साल से खून से लथपथ :टीएमसी
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मणिपुर में हुई जातीय हिंसा पर अमित शाह से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यह पूर्वोत्तर राज्य पिछले तीन वर्षों से 'खून से लथपथ' है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा बंगाली और बांग्लादेशियों के बीच की लकीर को धुंधला करना चाहती है, ताकि वह असम की तर्ज पर बनाए गए अपने नफरत भरे डिटेंशन कैंप मॉडल को बंगाल में भी लागू कर सके।महुआ मोइत्रा ने अमित शाह की पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ 'चार्जशीट' पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "आपने हर बंगाली को अपराधी घोषित कर दिया है। आप इसे चार चरणों में करते हैं: पहले आप हमारा अपमान करते हैं, फिर आप हमें वंचित करते हैं, फिर आप हमें अपराधी बनाते हैं, और फिर आप हमें परेशान करते हैं।"
ईडी पर भी खड़े किए सवाल
मोइत्रा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गृह मंत्री के अधीन काम करता है। उन्होंने बताया कि ईडी ने लगभग 6,000 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें से 98% विपक्षी नेताओं के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि केवल 25 लोगों को दोषी ठहराया गया है, जो 0.42% की दर है।
अलीराजपुर कांड: मंत्री नागर सिंह चौहान के भाई पर महिला अफसर को धमकाने का आरोप
प्रकृति का अद्भुत चमत्कार: मंडीप खोल गुफा में दिखेगी लाखों साल पुरानी संरचना
Paytm Payments Bank पर RBI की बड़ी कार्रवाई: लाइसेंस रद्द, ग्राहकों में मचा हड़कंप
ऑपरेशन कालचक्र-0.2: रायपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, गुंडे-बदमाशों में मचा हड़कंप
सीता नवमी कब है? जानें सही तारीख और 2 घंटे 37 मिनट का पूजा मुहूर्त
मोहिनी एकादशी पर खास संयोग—भरणी नक्षत्र में सूर्य, 4 राशियों पर बरसेगी हरि कृपा
क्या आपका घर गली के कोने पर है? वास्तु के अनुसार हो सकती हैं ये परेशानियां
‘सरगुजा छेरी बैंक’ मॉडल से ग्रामीण महिलाओं को मिल रही आर्थिक आज़ादी की नई राह