प्रधानमंत्री आवास: पक्की छत से प्राणसाय के परिवार को मिली सुकून की जिन्दगी
रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को निरंतर उनके सपनों का आशियाना मिल रहा है। इसी कड़ी में कोरिया जिले में मुख्यालय बैकुण्ठपुर से लगे ग्राम पंचायत आमापारा में रहने वाले प्राण साय भी उन्ही हितग्राहियों की सूची में शामिल हैं, जिनके परिवार के सपनों का पक्का मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से बनकर तैयार हो गया है। अब पूरा परिवार प्रधानमंत्री आवास की पक्की छत के नीचे सुकून से जीवन व्यतीत कर रहा है।
ग्राम पंचायत आमापारा के निवासी प्राण साय, पिता शिवप्रसाद, एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखते हैं। उनका परिवार कुल 6 सदस्यों का है, जो वर्षों से खेती-किसानी और मजदूरी के सहारे अपना जीवन यापन कर रहा है।खेती से मिलने वाली सीमित आय मौसम पर निर्भर रहती और मनरेगा के होने वाले ग्राम पंचायत में उपलब्ध कार्यों से आय के साधन भी सीमित ही रहते। ऐसे मे पक्के मकान का सपना केवल सपना ही था।
सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हमेशा मेहनत और ईमानदारी से जीवन यापन करने वाले हितग्राही प्राणसाय का पूरा परिवार पहले एक कच्चे मकान में रहता था। यह मकान बारिश के मौसम में बहुत असुरक्षित हो जाता था। छत से पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और घर के अंदर पानी भर जाना जैसी समस्याएं आम थीं। हर साल बरसात उनके लिए चिंता और परेशानी लेकर आती थी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राही प्राण साय ने अपने पक्के आवास निर्माण के दौरान परिवार सहित मेहनत की और मनरेगा योजना के अंतर्गत उन्हें 90 दिनों की मजदूरी भी प्राप्त हुई। प्राणसाय के लिए यह केवल एक घर नहीं, बल्कि उनके सपनों का साकार रूप भी है। अब उनका परिवार सुरक्षित छत के नीचे रह रहा है। बारिश का मौसम अब उनके लिए डर का कारण नहीं, बल्कि सुकून का समय बनकर आएगा।
प्राणसाय प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि सपनों का आवास पूरा होने के बाद उनके जीवन में और पूरे परिवार में सकारात्मक बदलाव आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला, परिवार के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है और सामाजिक स्तर पर भी उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
हौसलों को मिला सहारा, दिव्यांगजनों की बदली जिंदगी
सशक्त नारी, विकसित प्रदेशः ‘बिहान’ से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनीं सकीना
मुंबई में आयोजित वर्ड पावर चैंपियनशिप 2026 में छठवां स्थान हासिल किया छात्र रोशन निषाद ने
फूलों की खुशबू से महकी किस्मत ईश्वरचरण पैकरा का
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार
राज्यपाल डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय की नई बस को दिखाई हरी झंडी
एमपी बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थी मेरिट में