Jabalpur में साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर बुजुर्ग दंपत्ति को बनाया निशाना
जबलपुर। से डिजिटल अरेस्ट का एक बड़ा मामला सामने आया है. देश में आतंकी संगठनों को फंडिंग के नाम पर साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपत्ति को तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा और 60 लाख रुपए की मांग कर डाली. मोबाइल से पैसे ट्रांजैक्शन ना होने पर बुजुर्ग दंपत्ति बैंक पहुंचे, लेकिन बड़ी रकम देखकर बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ और मामला पुलिस तक पहुंच गया. समय रहते पुलिस ने बुजुर्ग दंपत्ति को डिजिटल अरेस्ट से बाहर निकाला और जीवन भर की कमाई गंवाने से बचा लिया।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
मामला जबलपुर का है, जहां हाथीताल कॉलोनी निवासी एक बुजुर्ग दंपत्ति को 13 मार्च को एक फोन आया. इसमें अलग-अलग लोगों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताते हुए टेरर फंडिंग की बात कही. अधिकारियों ने बताया कि बुजुर्ग दंपत्ति के खाते से PFI आतंकी संगठन को फंडिंग की गई है. मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी ट्रांजैक्शन उनके खाते से किया गया है. सीबीआई अधिकारी बन रहे साइबर ठगों ने बुजुर्ग दंपत्ति को गिरफ्तार करने की धमकी दी. बुजुर्ग दंपत्ति इतना डर गए कि उन्होंने इस बात की सूचना किसी को नहीं दी।
तीन दिनों तक रखा डिजिटल अरेस्ट में
तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रहे बुजुर्ग दंपत्ति से साइबर ठगों ने 60 लाख रुपए की मांग की. डरे हुए बुजुर्ग दंपत्ति ने अपने जीवन भर की कमाई साइबर ठगों को देने का मन बना लिया. बुजुर्ग दंपत्ति के खाते में 55 लाख रुपए थे. क्योंकि इतनी बड़ी रकम मोबाइल से ट्रांजैक्शन नहीं हो रही थी, लिहाजा साइबर ठगों ने दंपत्ति को बैंक से पैसा ट्रांसफर करने की बात कही।
बैंक पहुंचने पर हुआ खुलासा
आरोपियों के कहने पर दंपत्ति एसबीआई की मेडिकल शाखा पहुंचे और ट्रांजैक्शन करने लगे. इतनी बड़ी राशि के ट्रांजैक्शन पर बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ. पूछताछ करने पर बुजुर्ग ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया और किसी से बात करने से बचते रहे. बुजुर्ग की हालत को देख बैंक प्रबंधन को संदेह हुआ और उन्होंने तत्काल गढ़ा पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने ऐसे बचाई रकम
मौके पर पहुंची पुलिस ने दंपत्ति से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन वे इतने डरे हुए थे कि उन्होंने पुलिस से भी बातचीत नहीं की. करीब 1 घंटे की समझाइश के बाद बुजुर्ग दंपत्ति ने पूरे मामले का खुलासा किया. पुलिस ने बुजुर्ग दंपत्ति को सुरक्षा दी और साइबर ठगों के जाल से बाहर निकाला।
पुलिस की अपील और जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है. लेकिन बैंक अधिकारियों की सतर्कता और पुलिस की जागरूकता के चलते एक बुजुर्ग दंपत्ति अपनी जीवन भर की कमाई गंवाने से बच गया. पुलिस ने अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई भी कानूनी प्रक्रिया नहीं होती है. किसी भी फोन कॉल पर आम आदमी विश्वास ना करे और तत्काल पुलिस को सूचना दे।
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