भारी नुकसान: ईरान में भीषण बमबारी से एयरपोर्ट हुआ तबाह, पटरियों पर थमी रेल की रफ्तार
तेहरान। पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष ने न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, इस युद्ध की आग में ईरान के करीब छह महत्वपूर्ण हवाई अड्डे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इनमें राजधानी तेहरान का मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट सबसे अधिक तबाही का गवाह बना है। हवाई हमलों के कारण लगभग 17 विमानों को नुकसान पहुंचा है, जिससे देश का हवाई परिवहन पूरी तरह चरमरा गया है।
हवाई मार्गों के साथ-साथ ईरान का विशाल रेल नेटवर्क भी इस युद्ध की अप्रत्यक्ष मार झेल रहा है। हालांकि, रेलवे लाइनों पर सीधे हमले की खबरें कम हैं, लेकिन युद्ध के कारण उत्पन्न हुई परिस्थितियों ने ट्रेनों के पहिए जाम कर दिए हैं। ईरान में लगभग 13,000 किलोमीटर लंबा रेलवे नेटवर्क है, जिसका संचालन इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान रेलवे (आरएआई) द्वारा किया जाता है। मुख्य रूप से मिसाइल साइटों, तेल डिपो और परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाए जाने के कारण पूरे देश में बिजली संकट गहरा गया है। तेहरान सहित कई बड़े शहरों में बिजली कटौती और ईंधन की कमी ने सिग्नलिंग सिस्टम और इलेक्ट्रिक लाइनों को ठप कर दिया है।
सुरक्षा कारणों और बुनियादी ढांचे को पहुंचे नुकसान की वजह से पश्चिमी और मध्य ईरान में रेल सेवाएं या तो पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं या उन्हें बेहद सीमित दायरे में चलाया जा रहा है। मरम्मत कार्य में महीनों लगने की आशंका जताई जा रही है। युद्ध के खौफ के कारण यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है और माल ढुलाई का काम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।ईरान का रेल नेटवर्क मध्य पूर्व के सबसे बड़े तंत्रों में से एक माना जाता है। इसकी कुल लंबाई 12,998 किलोमीटर है, जिसमें प्रसिद्ध ट्रांस-ईरानियन रेलवे भी शामिल है। इस नेटवर्क में 174 बड़े पुल, 224 सुरंगें और लगभग 360 स्टेशन हैं। सामान्य परिस्थितियों में इस नेटवर्क से हर साल लगभग 2.90 करोड़ यात्री सफर करते हैं और 33 मिलियन टन माल की ढुलाई होती है। वर्तमान में कजाकिस्तान- तुर्कमेनिस्तान-ईरान जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय लिंक भी इस उथल-पुथल की वजह से संकट में हैं, जिससे क्षेत्रीय व्यापार को बड़ा झटका लगा है।
Devi Bhagavata Purana का रहस्य: कौन हैं Durga के स्वामी?
क्या आज भी पृथ्वी पर हैं Hanuman? Ramayana के बाद की रहस्यमयी कथा
1.5 लाख बाराती, 7500 किलो चावल… मदुरै की महारानी की शादी का शाही जलवा
महादेव भी करते हैं इस राम मंत्र का जप? जानें सही समय और गुप्त लाभ
हर संकट का समाधान: श्री राम ध्यान मंत्र का अर्थ, लाभ और जप विधि
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव