ईरान-इजराइल युद्ध का असर एमपी पर: बंदरगाहों पर बासमती चावल समेत करोड़ों का माल अटका
MP News: इजराइल, अमरीका, ईरान सहित खाड़ी देशों में छिड़ी जंग (Iran-Israel war) का सीधा असर मध्य प्रदेश पर भी देखने को मिल रहा है। नर्मदापुरम जिले के बासमती चावल के कारोबार पर इसका बड़ा प्रभाव देखा जा रहा है। समुद्री मार्ग में आवागमन बंद होने के कारण पिपरिया के कारखानों का करोड़ों रुपए का चावल देश के बंदरगाह पर पड़ा है। कारखानों में रोजाना गल्फ कंट्री में लगभग 20 से 25 टन बासमती चावल का निर्यात होता है। माल का उठाव नहीं होने के कारण एक दिन में कारखानों के गोदाम फल हो गए हैं। युद्ध के पहले दिन से ही धान के दाम भी नीचे गिर गए है। इस कारण व्यापारी और किसान परेशान है।
खाड़ी देशों में नर्मदापुरम के बासमती की मांग
ईरान, ईराक, जार्डन, कुवैत, दुबई सहित खाड़ी देशों में नर्मदापुरम जिले के बासमती चावल की खासी मांग रहती है। शेखों की बिरयानी में बासमती चावल का ही उपयोग किया जाता है। देश सहित खाड़ी देश के व्यापारी पिपरिया, इटारसी सहित आसपास के कारखानों से सीधे और अड़तियों के माध्यम से रोजाना चावल खरीदते हैं। कारखाना से माल सड़क मार्ग से बंदरगाह तक जाता है।
वहां से जहाजों से चावल अरब देशों तक पहुंचता है। मिडिल ईस्ट में चल रही जंग को दो दिन हो गए हैं, लेकिन समुद्री मार्ग से माल परिवहन लगभग बंद कर दिया है। कारखानों से भेजा गया करोड़ों रुपए का चावल बंदरगाह और कारखानों के गोदामों में तैयार रखा है। इसे उठाने के लिए व्यापारी नहीं आ रहे है।
विदेश जाने वाले चावल गोदाम में रखें
पिपरिया के अधिकतर चावल गोदामों खाड़ी देशों में जाने वाले चावल से भरे पड़े हैं। विदेश जाने वाला चाव की विशेष पैकिंग की जाती हे। इसमें कारखानों को अतिरिक्त खर्च आता है। निर्यात होने पर चावल कारोबार को नुकसान होने के अंदेशा है।
जिम्बाब्वे दौरा टीम इंडिया के लिए क्यों है खास? श्रेयस अय्यर की कप्तानी से नए चेहरों तक सब पर नजर
15 साल पूरे होने पर 'सिंघम' को याद करना पड़ा भारी, अजय देवगन ट्रोलर्स के निशाने पर
शराब पीकर ड्राइविंग करना पड़ा भारी, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई स्टार वॉर्नर ने कोर्ट में कबूला जुर्म
दिल्ली में मेट्रो सेवा प्रभावित, 16 स्टेशन अगले आदेश तक रहेंगे बंद
आर्थिक बदहाली से जूझ रहा पाकिस्तान, बड़ी आबादी गरीबी के शिकंजे में
सड़क हादसों पर हाईकोर्ट की सख्ती, आवारा मवेशियों को लेकर सरकार और NHAI से जवाब तलब
संसद में नहीं थम रहा संग्राम, अखिलेश की तीखी बहस के बीच सदन की कार्यवाही रोकी गई
सदियों पुरानी युवती की कब्र बनी शोध का केंद्र, वैज्ञानिकों ने किए चौंकाने वाले खुलासे
हेयरफॉल से राहत पाने के लिए लोग अपना रहे हैं यह तरीका, जानें कितना कारगर है