अब्दुल गफ्फार को पद से हटाने की तैयारी तेज, 15 दिन में जवाब देने का अल्टीमेटम
टीकमगढ़। टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने पद से पृथक करने के संबंध में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। शासन ने उन पर पद के दुरुपयोग, आर्थिक अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन से जुड़े नौ गंभीर आरोप लगाए हैं। विभाग द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी कार्यप्रणाली के कारण नगर पालिका को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।जांच रिपोर्ट के अनुसार सबसे गंभीर आरोप माँ कर्माबाई मार्केट की दुकानों के आवंटन में अनियमितताओं का है। आरोप है कि ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया के बजाय ऑफलाइन तरीके से आवेदन लेकर आरक्षण नियमों का उल्लंघन किया गया और बाजार मूल्य से कम दरों पर दुकानें आवंटित की गईं। इससे निकाय को करीब 18.89 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके अलावा शासन के प्रतिबंध के बावजूद दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की भर्ती करने का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि 15 से अधिक कर्मचारियों को नियमों के विपरीत नियुक्त किया गया, जिससे नगर पालिका निधि पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा।
गलत स्थल चयन के कारण करीब 21.42 लाख रुपये की राशि व्यर्थ खर्च
जांच में यह भी सामने आया कि पुरानी टेहरी क्षेत्र में तालाब के डूब क्षेत्र में संजीवनी क्लीनिक का निर्माण कराया गया, जो वर्तमान में बंद पड़ा है। इस गलत स्थल चयन के कारण करीब 21.42 लाख रुपये की राशि व्यर्थ खर्च होने की बात कही गई है। सामग्री क्रय में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। एलईडी लाइट, फिटकरी और पाइप लाइन विस्तार के लिए GeM पोर्टल के माध्यम से बाजार दर से अधिक कीमत पर खरीदारी की गई। जांच में पाया गया कि 66 में से 58 ठेके दो फर्मों को दिए गए, जिनका संचालन पिता-पुत्र द्वारा किया जा रहा है।
आर्थिक हानि की वसूली की जा सकती है
विभाग ने यह भी कहा है कि अध्यक्ष ने अपनी वित्तीय सीमा से बाहर जाकर बिना पीआईसी की स्वीकृति के भुगतान आदेश जारी किए, जो नियमों के विरुद्ध है। शासन ने मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 51 का हवाला देते हुए कहा है कि वे अपने कर्तव्यों के निर्वहन में असफल रहे हैं। उन्हें 15 दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। यदि समय पर उत्तर नहीं मिला, तो धारा 41-क के तहत एकपक्षीय कार्रवाई कर पदमुक्त करने और आर्थिक हानि की वसूली की जा सकती है।
जिम्बाब्वे दौरा टीम इंडिया के लिए क्यों है खास? श्रेयस अय्यर की कप्तानी से नए चेहरों तक सब पर नजर
15 साल पूरे होने पर 'सिंघम' को याद करना पड़ा भारी, अजय देवगन ट्रोलर्स के निशाने पर
शराब पीकर ड्राइविंग करना पड़ा भारी, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई स्टार वॉर्नर ने कोर्ट में कबूला जुर्म
दिल्ली में मेट्रो सेवा प्रभावित, 16 स्टेशन अगले आदेश तक रहेंगे बंद
आर्थिक बदहाली से जूझ रहा पाकिस्तान, बड़ी आबादी गरीबी के शिकंजे में
सड़क हादसों पर हाईकोर्ट की सख्ती, आवारा मवेशियों को लेकर सरकार और NHAI से जवाब तलब
संसद में नहीं थम रहा संग्राम, अखिलेश की तीखी बहस के बीच सदन की कार्यवाही रोकी गई
सदियों पुरानी युवती की कब्र बनी शोध का केंद्र, वैज्ञानिकों ने किए चौंकाने वाले खुलासे
हेयरफॉल से राहत पाने के लिए लोग अपना रहे हैं यह तरीका, जानें कितना कारगर है