बैतूल के पूजा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला की मौत, शव राठी हॉस्पिटल रेफर
बैतूल। बैतूल में इलाज के नाम पर मौत! पूजा हॉस्पिटल पर गंभीर लापरवाही के आरोप, महिला की मौत के बाद परिजनों का हंगामा से एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित रूप से गलत उपचार के चलते 57 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका का नाम कल्याणी नायडू, पति राजेंद्र नायडू, निवासी आमला बस स्टैंड, बताया जा रहा है, जो एयरफोर्स में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थीं। परिजनों के अनुसार, 25 फरवरी 2026 को वे अपनी मां को बैतूल लेकर आए थे। तबीयत ठीक न होने पर उन्हें पूजा हॉस्पिटल में दिखाया गया। आरोप है कि जांच के दौरान डॉक्टर ने बीपी और शुगर हाई बताई, लेकिन स्थिति को सामान्य करने के लिए जरूरी उपचार नहीं दिया गया। बुधवार शाम करीब 5:20 बजे डॉक्टर द्वारा अचानक इंजेक्शन देकर महिला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद उन्हें गंभीर हालत में बाहर लाया गया और परिजनों से कहा गया कि उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाएं। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो एक और इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद हालत और बिगड़ गई। इसके बाद महिला को राठी अस्पताल ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने पुजा अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को संभाला दोषी डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उचित कार्रवाई की जाय फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और बॉडी को रात मे मरचूरी में रखा गया पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया जाएगा जिसमें तीन डॉक्टरों की देखरेख में पोस्टमार्टम कि वीडियोग्राफी की जाएगी अब देखना होगा कि जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं।


बैतूल पूजा हॉस्पिटल मे इलाज के दौरान महिला की मौत होने के बावजूद लाश को किया जा रहा है राठी हॉस्पिटल रीपर बैतूल में इलाज के नाम पर मौत! पूजा हॉस्पिटल पर गंभीर लापरवाही के आरोप, महिला की मौत के बाद परिजनों का हंगामा से एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां कथित रूप से गलत उपचार के चलते 57 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका का नाम कल्याणी नायडू, पति राजेंद्र नायडू, निवासी आमला बस स्टैंड, बताया जा रहा है, जो एयरफोर्स में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थीं। परिजनों के अनुसार, 25 फरवरी 2026 को वे अपनी मां को बैतूल लेकर आए थे। तबीयत ठीक न होने पर उन्हें पूजा हॉस्पिटल में दिखाया गया। आरोप है कि जांच के दौरान डॉक्टर ने बीपी और शुगर हाई बताई, लेकिन स्थिति को सामान्य करने के लिए जरूरी उपचार नहीं दिया गया। बुधवार शाम करीब 5:20 बजे डॉक्टर द्वारा अचानक इंजेक्शन देकर महिला को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद उन्हें गंभीर हालत में बाहर लाया गया और परिजनों से कहा गया कि उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाएं। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो एक और इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद हालत और बिगड़ गई। इसके बाद महिला को राठी अस्पताल ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने पुजा अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। मौके पर पुलिस पहुंची और स्थिति को संभाला दोषी डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उचित कार्रवाईकी जाय फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और बॉडी को रात मे मरचूरी में रखा गया पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया जाएगा जिसमें तीन डॉक्टरों की देखरेख में पोस्टमार्टम कि वीडियोग्राफी की जाएगी अब देखना होगा कि जांच में क्या सच्चाई सामने आती है और क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या नहीं।
इनका कहना है कि
सीएमएचओ का कहना है कि वास्तव में कहीं ना कहीं लापरवाही की गई है इतनी गंभीर अवस्था में उसे रेफर करना या दूसरे हॉस्पिटल भेजना उचित नहीं था
मनोज हुरमाड़े CMHO बैतूल
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