बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारत में सोशल मीडिया बैन की मांग बढ़ी, वैश्विक रुझान का असर
नई दिल्ली। भारतीय प्रधानमंत्री(Indian Prime Minister) नरेंद्र मोदी(Narendra Modi’s) के सहयोगी दल के सांसद एल.एस.के. देवरायलु(MP L.S.K. Devarayalu) ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया(social media) पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना और चलाना प्रतिबंधित किया जाएगा।
यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब ऑस्ट्रेलिया(Australia) ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया है, और फ्रांस(France), ब्रिटेन(UK), डेनमार्क(Denmark), ग्रीस(Greece), जर्मनी(Germany,) समेत कई देशों में इस मुद्दे पर बहस चल रही है।
देवरायलु का कहना है कि भारत युवा यूजर्स के डेटा का बड़ा स्रोत है और विदेशी कंपनियां इसी डेटा के आधार पर उन्नत एआई सिस्टम बना रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर की उम्र सत्यापित करने की पूरी जिम्मेदारी देने की मांग की है।
रिपोर्ट के अनुसार यह प्रस्ताव 15 पन्नों का “सोशल मीडिया (आयु प्रतिबंध और ऑनलाइन सुरक्षा) बिल” है, जो प्राइवेट मेंबर्स बिल के रूप में संसद में पेश किया गया है। बिल के अनुसार 16 साल से कम उम्र के किसी भी किशोर को सोशल मीडिया अकाउंट बनाने, बनाए रखने या चलाने की अनुमति नहीं होगी, और ऐसे अकाउंट को निष्क्रिय किया जाना चाहिए।
भारत में सोशल मीडिया तक पहुंच की कोई न्यूनतम आयु तय नहीं है, जबकि देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार है और करीब 1 अरब इंटरनेट यूजर्स हैं। इस प्रस्ताव के साथ ही देश में डिजिटल एडिक्शन और बच्चों की सुरक्षा पर बहस तेज हो गई है।
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