रायपुर में नशे पर पुलिस का बड़ा प्रहार, रोलिंग पेपर बेचने वाले 9 संस्थान सील
रायपुर में युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश और पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर (IPS) के मार्गदर्शन में चलाए गए अभियान के तहत गांजा सेवन को बढ़ावा देने वाली सामग्री बेचने वाले दुकानों और ठेलों को चिन्हित किया गया।
जांच में सामने आया कि शहर के कई पान ठेले और गुमटियां युवाओं को गांजा पीने के लिए उपयोग किए जाने वाले गोगो या रोलिंग पेपर और चिलम खुलेआम बेच रहे थे। पुलिस ने इस नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए करीब दो लाख रुपये मूल्य के भारी मात्रा में रोलिंग पेपर जब्त किए। इनका उपयोग गांजे की सिगरेट बनाने में किया जाता है, जो युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त (उरला) पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में नॉर्थ जोन की टीमों ने COTPA एक्ट के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास और सार्वजनिक क्षेत्रों में अवैध सामग्री बेचने वाले नौ संस्थानों को सील कर बंद करा दिया गया है।
पुलिस ने रोलिंग पेपर नशा के पीछे सक्रिय सप्लाई चेन का भी खुलासा किया है। पूछताछ में थोक विक्रेताओं और सप्लायरों के नाम सामने आए हैं, जो शहर में अवैध सामग्री की आपूर्ति कर रहे थे। इन मुख्य कड़ियों के खिलाफ जल्द छापेमारी की तैयारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि रोलिंग पेपर नशा युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है, इसलिए इस तरह की सामग्री की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि युवाओं को नशे से बचाया जा सके।
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