क्रोएशिया में भारतीय दूतावास पर खालिस्तानी समर्थकों का हमला: भारत ने दर्ज कराया कड़ा विरोध
जाग्रेब। कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के बाद अब खालिस्तानी कट्टरपंथियों ने पूर्वी यूरोप में अपनी हिंसक गतिविधियों का विस्तार करना शुरू कर दिया है। एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली घटना में, क्रोएशिया की राजधानी जाग्रेब स्थित भारतीय दूतावास को खालिस्तानी समर्थकों ने अपना निशाना बनाया है। गणतंत्र दिवस से ठीक पहले हुई इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। भारत सरकार ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए क्रोएशियाई प्रशासन के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) से जुड़े कुछ असामाजिक तत्वों ने जाग्रेब में भारतीय दूतावास की सुरक्षा का उल्लंघन किया। इन उपद्रवियों ने न केवल दूतावास परिसर में जबरन घुसने का प्रयास किया, बल्कि वहां जमकर तोड़फोड़ भी की। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के मुताबिक, इन खालिस्तानी समर्थकों ने दूतावास की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे और वहां गर्व से लहरा रहे भारतीय तिरंगे को उतारकर उसकी जगह खालिस्तानी झंडा लगाने की कोशिश की। यह घटना उस समय हुई है जब भारत अपने गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों में जुटा है और यूरोपीय संघ के कई प्रमुख नेता भारत के दौरे पर आने वाले हैं।
भारत ने इस अनधिकृत प्रवेश और तोड़फोड़ की घटना की बृहस्पतिवार को तीखी निंदा की। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नई दिल्ली और जाग्रेब दोनों ही स्तरों पर क्रोएशियाई अधिकारियों के समक्ष यह मामला मजबूती से उठाया गया है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में मांग की है कि इस निंदनीय और अवैध कृत्य के लिए जिम्मेदार दोषियों को तुरंत पहचान कर उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जाए। मंत्रालय ने विएना संधि का हवाला देते हुए याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत किसी भी राजनयिक परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेजबान देश की प्राथमिक जिम्मेदारी है और बिना अनुमति के वहां प्रवेश वर्जित है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा कि इस तरह की घटनाएं उन लोगों के हिंसक चरित्र और नापाक इरादों को उजागर करती हैं जो भारत की संप्रभुता के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। भारत ने वैश्विक स्तर पर कानून प्रवर्तन अधिकारियों से ऐसी घटनाओं का संज्ञान लेने की अपील की है। यह हमला इसलिए भी अधिक चिंताजनक माना जा रहा है क्योंकि अब तक ऐसी गतिविधियां मुख्य रूप से फाइव आईज समूह के देशों तक ही सीमित थीं। क्रोएशिया जैसे यूरोपीय संघ के सदस्य देश में इस तरह का हमला यह संकेत देता है कि ये आतंकी समूह अब नए ठिकानों पर अपना नेटवर्क फैला रहे हैं। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर अशांति फैलाने के लिए अपने गुर्गों को उकसाया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
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