दुनिया की 5 सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं में अमेरिका पहले, चीन दूसरे............भारत सातवें नंबर पर
वॉशिंगटन। दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेनाओं को लेकर एक नई अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग जारी हुई है, इसमें भारतीय नौसेना को टॉप-5 में जगह नहीं मिली है। वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न वॉरशिप्स एंड सबमरीन (डब्ल्यूडीएमएमडब्ल्यू) द्वारा जारी ताजा रैंकिंग में भारत को सातवां स्थान मिला है, जबकि अमेरिका पहले और चीन दूसरे स्थान पर काबिज है। यह रैंकिंग तब आई है, जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन और पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियों को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ी हैं।
डब्ल्यूडीएमएमडब्ल्यू की रैंकिंग में “ट्रू वैल्यू रेटिंग” का इस्तेमाल किया है। इसमें केवल युद्धपोतों की संख्या नहीं, बल्कि नौसेना की कुल युद्ध क्षमता, आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स, हमला करने और बचाव की ताकत को आधार बनाया है। इस सूची में दुनिया की टॉप 40 नौसेनाओं को शामिल किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना अपनी बेजोड़ क्षमता और 11 एयरक्राफ्ट कैरियर के कारण पहले स्थान पर बनी हुई है। हालांकि जहाजों की संख्या के मामले में चीन आगे निकल चुका है, लेकिन युद्धक क्षमता और वैश्विक पहुंच के कारण अमेरिका अभी भी शीर्ष पर है। चीन की नौसेना को दूसरे नंबर पर रखा गया है। डब्ल्यूडीएमएमडब्ल्यू का कहना है कि तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण के कारण आने वाले वर्षों में चीन दुनिया की सबसे शक्तिशाली नौसेना बन सकता है। चीन के पास फिलहाल 370 से ज्यादा युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं, तीन एयरक्राफ्ट कैरियर ऑपरेशनल हैं और चौथा निर्माणाधीन है। चीन का लक्ष्य 2035 तक 9 एयरक्राफ्ट कैरियर तैयार करने का है।
वहीं तीसरे स्थान पर रूस की नौसेना है, जो कि परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियों और लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइलों के कारण एक जटिल लेकिन बेहद घातक ताकत माना गया है। रूस के पास बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों और आधुनिक न्यूक्लियर अटैक सबमरीन का बड़ा बेड़ा है। इंडोनेशिया को चौथा और दक्षिण कोरिया को पांचवां स्थान मिला है। दक्षिण कोरिया की नौसेना एशिया की सबसे आधुनिक नौसेनाओं में गिनी जाती है और वह एक बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर के निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
रैंकिंग में जापान छठे और भारत सातवें स्थान पर है। भारतीय नौसेना को 100.5 की ट्रू वैल्यू रेटिंग दी गई है। भारत के पास दो एयरक्राफ्ट कैरियर— आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य—19 पनडुब्बियां और दो परमाणु ऊर्जा से चलने वाली अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बियां हैं, जिससे परमाणु मिसाइलें दागी जा सकती हैं।
वहीं, पाकिस्तान की नौसेना को इस सूची में 26वां स्थान मिला है। पाकिस्तान के पास कोई एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है और उसकी ताकत मुख्य रूप से 8 पनडुब्बियों और 28 फ्लीट कोर तक सीमित है। चीन द्वारा दी जा रही नई एआईपी तकनीक वाली पनडुब्बियां अभी ट्रेनिंग चरण में हैं, इसलिए उन्हें इस रैंकिंग में शामिल नहीं किया गया है। कुल मिलाकर यह रिपोर्ट वैश्विक नौसैनिक शक्ति संतुलन में तेजी से हो रहे बदलावों की ओर इशारा करती है, जहां चीन तेजी से उभर रहा है, जबकि भारत को टॉप-5 में जगह बनाने के लिए अपने नौसैनिक आधुनिकीकरण को और तेज़ करना होगा।
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