धान उपार्जन केन्द्रों की पारदर्शी व्यवस्था किसानों में सरकार के प्रति बढ़ा विश्वास
रायपुर : जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में पारदर्शी एवं किसान-हितैषी व्यवस्था से धान विक्रय की प्रक्रिया सुगम, सरल और आसान हो गई है। डिजिटल सुविधाओं, सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं और त्वरित सेवाओं के कारण किसानों को राहत मिल रही है। इसका प्रत्यक्ष अनुभव बतौली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुनिया कला के निवासी अजय राजवाड़े ने साझा किया।
अजय राजवाड़े ने बताया कि उनके पिता शिवधारी राजवाड़े, लघु वर्ग के किसान हैं, जिनके पास कुल 95 क्विंटल धान का रकबा है। उन्होंने बताया कि किसान तुहंर टोकन ऐप के माध्यम से घर बैठे उन्होंने 92.50 क्विंटल धान का टोकन आसानी से काट लिया था। डिजिटल प्रणाली के चलते टोकन कटाने में किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई और पूरी प्रक्रिया सरल एवं पारदर्शी रही।
उन्होंने बताया कि नवानगर धान उपार्जन केन्द्र पहुंचते ही किसानों को तत्काल गेट पास, नमी परीक्षण तथा बारदाना उपलब्ध करा दिया गया, जिससे धान विक्रय में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आई। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। समिति केन्द्र में पेयजल एवं छाया में बैठने की व्यवस्था उपलब्ध है, वहीं समिति के कर्मचारियों द्वारा किसानों को हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
अजय राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में प्रदेश में धान का सर्वाधिक मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। इससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है और जिससे आर्थिक स्थिति में सुधार हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष धान विक्रय से प्राप्त आय से उन्होंने गेहूं, तिलहन, सब्जी सहित अन्य फसलों की खेती की, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था अत्यंत सराहनीय है और इससे किसान बहुत संतुष्ट एवं खुश हैं।
राजवाड़े ने धान उपार्जन व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि धान का सर्वाधिक मूल्य मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।
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