भगवान शिव का परिवार मिटाएगा बाधाएं, माघ मास में दूर होंगे सारे कष्ट!
हिंदू धार्मिक ग्रंथो के अनुसार, माघ मास भगवान शिव को समर्पित होता है. जैसे सावन मास में भगवान शिव की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है, वैसे ही माघ मास में भी भगवान शिव के मंत्र, स्तोत्र, व्रत आदि करने का विशेष महत्व होता है. माघ मास के कृष्ण पक्ष में होने वाली चतुर्थी तिथि विशेष फलदायक होती है. इस दिन भगवान शिव के पुत्र गणेश की आराधना और व्रत आदि करने से सभी कार्य बिना किसी बाधा के पूर्ण हो जाते हैं. साल 2026 में माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का आगमन होगा. इस दिन शास्त्रों में वर्णित विधि से भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश की पूजा अर्चना करने से कई चमत्कारी लाभ मिलने की मान्यता है. चलिए विस्तार से जानते हैं कि इसका महत्व क्या है.
सभी बाधाओं का होगा नाश
इसकी अधिक जानकारी देते हुए हरिद्वार के विद्वान धर्माचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि माघ मास भगवान शिव को समर्पित है और इस मास में होने वाली चतुर्थी तिथि विशेष फल देने वाली है. चतुर्थी तिथि भगवान शिव के पुत्र गणेश को समर्पित है. इस दिन गणपति के मंत्र से व्रत का संकल्प करें. शाम के समय गणेश भगवान के स्तोत्र, 12 नामों का जाप, मंत्र आदि का पाठ करें. चंद्रमा उदय होने पर गणेश भगवान को तिल के लड्डुओं का भोग लगाने और तांबे के लोटे में जल लेकर चंद्रमा को अर्घ्य दें. ऐसा करने से सभी कष्टों का निवारण हो जाएगा और कार्यों में आ रही सभी बाधाएं भी खत्म हो जाएंगी.
सभी दुखों से छुटकारा
वह आगे बताते हैं कि माघ मास भगवान शिव को समर्पित है और चतुर्थी तिथि उनके पुत्र गणेश को समर्पित है. शास्त्रों में इस तिथि का विशेष वर्णन किया गया है. सभी दुखों से छुटकारा पाने के लिए इस दिन भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जाप, भगवान शिव की आराधना, स्तोत्र और उनके पुत्र गणेश के स्तोत्र, मंत्र आदि का जाप करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएंगी. भगवान शिव और उनके पुत्र गणेश की वंदना से मोक्ष प्राप्ति होने की धार्मिक मान्यता बताई गई है. यह पूरा मास भगवान शिव की आराधना करने के लिए विशेष समय होता है.
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