‘मर चुकी है हमारी बेटी’, परिवार ने जिंदा लड़की का पुतला बनाया और कर दिया अंतिम संस्कार
विदिशा: विदिशा (Vidisha) में एक ऐसी घटना सामने आई है जहां दोस्ती (Friendship) के नाम पर हुए दगा ने एक पूरे परिवार (Family) को तोड़कर रख दिया. जिस दोस्ती पर परिवार ने भरोसा किया, वही दोस्ती उसके परिवार के लिए गहरे सदमे की वजह बन गई. मामला इतना भावुक हो गया कि परिजनों ने जीती-जागती बेटी (Daughter) का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार (Symbolic Funeral) कर दिया.
मामला विदिशा की चूना बाली गली का है. यहां रहने वाले कुशवाह परिवार की 23 वर्षीय बेटी कविता कुशवाहा (Kavita Kushwaha) कुछ दिन पहले अचानक घर से चली गई. परिजनों ने पहले हर संभव जगह उसकी तलाश की, लेकिन बाद में पता चला कि वह पारिवारिक दोस्त के साथ घर छोड़कर गई है. परिजनों का कहना है कि जिस युवक को बेटी सिर्फ एक दोस्त मानती थी, उसी दोस्ती ने धीरे-धीरे भरोसे को तोड़ा और अंत में परिवार से दूरी की वजह बन गई. दोस्ती का यह दगा पूरे परिवार के लिए असहनीय साबित हुआ. बेटी के जाने और सामाजिक दबाव के चलते टूट चुके परिजनों ने आटे से कविता का पुतला बनवाया, अर्थी सजाई और शहर में प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकाली. इसके बाद शमशान घाट पहुंचकर विधि-विधान से प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया गया.
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक