सुप्रीम कोर्ट ने इंडिगो से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से इंकार, पहले दिल्ली हाईकोर्ट जाएं.....फिर स्वागत
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इंडिगो की हजारों फ्लाइट कैंसिल होने के मामले में दखल देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पमचोली की बेंच ने याचिकाकर्ता से दिल्ली हाईकोर्ट जाने को कह दिया।
कोर्ट ने कहा कि सभी मुद्दे दिल्ली हाईकोर्ट के सामने विचाराधीन हैं। वे भी संवैधानिक कोर्ट हैं। अगर आपकी शिकायत का वहां समाधान नहीं होता है, तब आपका यहां स्वागत है। इंडिगो के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि डीजीसीए ने फ्लाइट कैंसिल होने और यात्रियों को होने वाली समस्याओं की जांच के लिए एक जानकारों की कमेटी बनाई है।
वहीं डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की ओर से एविएशन नियमों में बदलाव चलते दिसंबर के पहले हफ्ते में इंडिगो में क्रू मेंबर्स की भारी कमी हो गई थी। इसके कारण 1 से 10 दिसंबर के बीच इंडिगो की 5000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हुईं थीं। इंडिगो ने मामले की आंतरिक जांच को पूरी तरह इंटरनेशनल एक्सपर्ट के हवाले करने का फैसला किया है। सीईओ पीटर एल्बर्स डीजीसीए की समिति के सामने पेश हुए थे। इतना ही नहीं कंपनी ने इसके पहले ही स्वतंत्र जांच का जिम्मा विश्व प्रसिद्ध एविएशन जानकार कैप्टन जॉन इल्सन को सौंप दिया। यह कदम संकेत देता है कि एयरलाइन ऑपरेशनल मॉडल और प्रबंधन प्रक्रियाओं की गहराई से समीक्षा करवाने के दबाव में है। इल्सन चार दशक के दौरान शीर्ष वैश्विक संस्थानों का नेतृत्व कर चुके हैं। नियुक्ति इंडिगो बोर्ड के क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की सिफारिश पर की गई है।
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