Amazon का भारत में बड़ा दांव: 3 लाख करोड़ का निवेश पक्का! 10 लाख नई नौकरियां, देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा ये असर, पढ़ें पूरी रिपोर्ट
Amazon Investment: ग्लोबल ई-कॉमर्स जाइंट अमेज़न ने भारत के लिए एक बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने 2030 तक भारत में 35 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹3.15 लाख करोड़) से अधिक का इन्वेस्टमेंट करने का ऐलान किया है. भारत में अमेजम का यह इन्वेस्टमेंट 2010 से अब तक किए गए लगभग $40 बिलियन से अलग होगा.
अमेज़न आने वाले पाँच वर्षों में ही भारत में 5 अरब डॉलर से अधिक का इन्वेस्टमेंट करने जा रही है. इस इन्वेस्टमेंट के जरिए कंपनी भारत में एआई आधारित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को तेज करना, एक्सपोर्ट को बढ़ावा देना और रोज़गार के लिए नए अवसर तैयार करना चाहेगी.
2030 तक 10 लाख नए रोजगार
अमेज़न का कहना है कि यह इन्वेस्टमेंट भारत की उस राष्ट्रीय रणनीति से जुड़ा है, जिसके तहत सरकार स्थानीय एआई को मजबूत करने की कोशिश बना रही है. कंपनी का अनुमान है कि इसकी नई योजना से 2030 तक 10 लाख नए रोजगार तैयार होंगे. भारत का एक्सपोर्ट चार गुना बढ़कर 80 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा. इसके साथ 1.5 करोड़ छोटे व्यापारियों को एआई तकनीक का सीधा लाभ मिलेगा. छोटे व्यापारियों को मजबूत बनाने के साथ ग्लोबल मार्केट में भी भारतीय प्रोडक्टस को मजबूती मिलेगी.
भारत के विकास लगातार योगदान- अमित अग्रवाल
अमेजन के इस बड़े ऐलान के बाद कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अमित अग्रवाल ने कहा कि कंपनी पिछले 15 सालों से भारत की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जर्नी का एक अहम हिस्सा रही है. अमेजन भारत के विकास में आगे भी योगदान देता रहेगा और करोड़ों भारतीयों के लिए एआई को आसान और सुलभ बनाएगा.
Tejashwi Yadav का बयान: भाजपा को बिहार का नाम ‘श्रमिक प्रदेश’ रखना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के भाषणों पर FIR की मांग खारिज
पंजाब की राजनीति गरमाई, बीजेपी का नया मास्टर प्लान सामने
मोटापा सिर्फ वजन नहीं, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की जड़
Mitchell Santner की चोट से NZ टीम की बढ़ी टेंशन, इतने दिनों के लिए बाहर
बीनागंज जंगल में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, नीलगाय का शिकार करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार
तिलक लगाने पर विवाद बढ़ा, मुबारिक पर धमकी देने का आरोप
मध्य प्रदेश के बरगी डैम हादसे पर सीएम यादव ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
मध्य प्रदेश के बरगी में नियमों की अनदेखी, एनजीटी आदेश के बावजूद चल रहा था जलविहार