नैनीताल में सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में लगी भीषण आग, प्रधानाचार्य और उनके बेटे-बेटी को बचाया गया
नैनीताल: शहर के मल्लीताल स्थित घनी आबादी में चीना बाबा मंदिर के पास स्थित सरस्वती शिशु मंदिर की बिल्डिंग में मंगलवार देर शाम भीषण आग लग गयी. आग से स्कूल की बिल्डिंग का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह जल गया. आग की भयावहता को देखते हुए आसपास के सभी घरों को भी खाली करा लिया गया था. इस दौरान प्रधानाचार्य जो स्कूल के ही एक कमरे में रहते हैं, वो अपने दो बच्चों के साथ अंदर फंस गए थे.
नैनीताल के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में लगी भीषण आग: दमकल विभाग के चार वाहन आग बुझाने में लगे थे. शाम करीब 7:30 बजे लोगों ने स्कूल की बिल्डिंग से धुआं उठते देखा तो दमकल विभाग को सूचना दी. जब तक फायर ब्रिगेड के जवान मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी.
इस दौरान स्कूल बिल्डिंग में मौजूद प्रधानाचार्य रमेश तिवारी व उनके बेटे और बेटी को उनके पालतू कुत्ते समेत सकुशल बचा लिया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, पहली प्राथमिकता आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पाना थी. उसके बाद ही आग लगने के कारणों के बारे में बताया जा सकेगा.
चीड़ की लकड़ियों से धमाके साथ भड़की आग: नैनीताल के मल्लीताल क्षेत्र में घनी आबादी और होटलों से घिरे चीना बाबा मंदिर के पास स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में भीषण आग भड़कने से हड़कंप मच गया. देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में घना धुआं फैल गया. आग की भीषणता को देखते हुए हल्द्वानी, भीमताल और भवाली से भी फायर ब्रिगेड बुला ली गईं.
प्रधानाचार्य और उनके बेटे-बेटी को बचाया गया: सूचना पाकर पहुंचे पुलिसकर्मियों और फायर फाइटर्स ने स्कूल के आसपास सुरक्षा घेरा बनाते हुए आग को बुझाना शुरू किया. स्थानीय निवासियों ने बताया कि-
स्कूल के भीतर चीड़ की लकड़ियां लगी हुई थीं. इस कारण आग तेजी से फैल गई और उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया. एक बार को तो आग धमाके के साथ तेजी से भड़की, जिस दौरान आग बुझाने में जुटे फायर फाइटर्स इसकी लपटों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे. हालांकि गनीमत यह रही कि स्कूल में उस समय मौजूद प्रधानाचार्य, उनके बच्चों और पालतू कुत्ते को समय रहते रेस्क्यू कर लिया गया.
-गौरव, स्थानीय निवासी-
कई स्थानों से मंगानी पड़ी फायर ब्रिगेड: खास बात यह देखने में आयी कि जैसे ही क्षेत्रीय लोगों को आग लगने की सूचना मिली, वह सभी आग बुझाने के लिए तत्परता से जुट गए. फायर फाइटर्स का पूरा जोर इस पर था कि चारों तरफ होटल होने के कारण आग को फैलने से किसी तरह रोका जाए. हालांकि देर रात तक आग के बड़े हिस्से को बुझा दिया गया जबकि भीतर चीड़ की लकड़ियों में लगी आग को पूरी तरह से नियंत्रित करने में समय लगा. अधिकारियों के अनुसार, नुकसान का पूरा आकलन बाद ही स्पष्ट हो पाएगा. वहीं एसडीएम ने कहा कि-
सरस्वती शिशु मंदिर की बिल्डिंग में भीषण आग लग गई थी. प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आपदा कंट्रोल रूम और जल संस्थान की टीम को एक्टिवेट की. हल्द्वानी, भीमताल और भवाली से भी फायर ब्रिगेड की टीमों को बुलाकर आग बुझाने में लगाया गया. करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया गया. अंदर लोग फंसे हुए थे, जिन्हें सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया.
-नवाजिश खालिक, एसडीएम, नैनीताल-
बड़ा हादसा टला: गनीमत रही कि सरस्वती शिशु मंदिर के स्कूल में आग लगने की ये घटना देर शाम हुई. अगर दिन में आग लगती तो बड़ी हानि हो सकती थी. इस स्कूल में करीब 126 बच्चे पढ़ते हैं. इन दिनों बच्चे परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. गुरुवार से उनकी परीक्षा होनी है. इस विद्यालय में नर्सरी से लेकर 5वीं तक के बच्चे पढ़ते हैं. आग देर शाम लगने के कारण बच्चे सुरक्षित रहे.
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण
राजस्व कार्यों में ढिलाई पर सख्त:लंबित प्रकरणों के निपटारे और राजस्व वसूली में तेजी लाने मंत्री ने दिए निर्देश
अनुशंसाओं को संवेदनशीलता के साथ करें लागू : राज्यपाल पटेल