टमाटर महंगा, 10 दिनों में 50% बढ़ा दाम, जानें क्या वजह बनी महंगाई की आग
अगर आप बाजार में सब्जी खरीदने जा रहे हैं, तो टमाटर की कीमत देखकर हैरान होने के लिए तैयार रहें। देशभर में टमाटर के दाम अचानक तेजी से बढ़ गए हैं और सिर्फ 10 से 15 दिनों में करीब 50% तक उछाल दर्ज किया गया है। कई जगहों पर अच्छे क्वालिटी वाले टमाटर 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे रसोई का बजट पूरी तरह हिल गया है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर एकदम से टमाटर इतना महंगा कैसे हो गया?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, टमाटर की खुदरा कीमतें पिछले एक महीने में 25% से 100% तक बढ़ गई हैं। ऑल इंडिया एवरेज रिटेल प्राइस 36/kg रुपये से बढ़कर 46/kg रुपये पहुंच चुका है, यानी 27% का उछाल। सबसे बड़ी बढ़ोतरी चंडीगढ़ में 112% दर्ज की गई है। वहीं आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में एक महीने में दाम 40% से ज्यादा बढ़े हैं।
क्यों महंगे हुआ टामाटर
टमाटर की महंगाई की सबसे बड़ी वजह है अक्टूबर में हुई ज्यादा बारिश, जिससे कई राज्यों में फसल को भारी नुकसान पहुंचा। इस वजह से आपूर्ति अचानक कम हो गई। महाराष्ट्र, जो टमाटर सप्लाई के प्रमुख राज्यों में से एक है, वहां थोक कीमतें पिछले महीने की तुलना में 45% उछल गई हैं। वहीं दिल्ली में, जो उत्तरी भारत का मुख्य वितरण केंद्र है, थोक कीमतें 26% बढ़ी हैं।
महाराष्ट्र और गुजरात से कम ट्रक आ रहे
आपूर्ति कम होने की स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाले ट्रकों की संख्या आधी से भी कम हो गई है। एशिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी आजादपुर के टमाटर ट्रेडर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक कोशीक ने कहा कि अक्टूबर की ज्यादा बारिश ने फसलों को बहुत नुकसान पहुंचाया है, जिससे सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। ट्रेडर्स के मुताबिक, बढ़ती शादियों के सीजन और आने वाले न्यू ईयर सेलिब्रेशन के चलते टमाटर की मांग बढ़ी हुई है, जिस कारण कीमतों पर दबाव और बढ़ गया है।
अक्टूबर में महंगाई दर
दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ एक महीने पहले प्याज, आलू और टमाटर की गिरती कीमतों ने रिटेल महंगाई दर को 0.25% तक गिरा दिया था, जो 2013 के बाद सबसे कम थी। टमाटर में तब 42.9% की डिफ्लेशन दर्ज की गई थी, लेकिन अब महंगाई की यह आग फिर भड़क गई है।
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