अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं, SC ने सरकार, CBI और ED को जारी किया नोटिस
मशहूर उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। क्योंकि, रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), इसकी समूह कंपनियों और उनके प्रमोटर से जुड़े कथित बड़े बैंकिंग और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी की अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, सीबीआई, ईडी, अनिल अंबानी और अन्य को नोटिस जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने जनहित याचिका दायर करने वाले और पूर्व केंद्रीय सचिव ई ए एस शर्मा की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण की दलीलों पर गौर किया और 3 सप्ताह के भीतर जवाब मांगा।
अनिल अंबानी की स्वामित्व वाली कंपनी रिलायंस इन्फ्रा 4 फीसदी की गिरावट के साथ तो रिलायंस पावर डेढ़ फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, रिलायंस कम्युनिकेशन के शेयर तेजी के साथ ट्रेड कर रहे हैं।
पब्लिक के पैसों का दुरुपयोग
इस जनहित याचिका में अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कई संस्थाओं में सार्वजनिक धन के व्यवस्थित तरीके से दुरुपयोग, वित्तीय विवरणों में हेराफेरी और संस्थागत मिलीभगत का आरोप लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि 21 अगस्त को सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई, कथित धोखाधड़ी के केवल एक छोटे से हिस्से को संबोधित करती है।
वकील प्रशांत भूषण ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां इस बड़े बैंकिंग घोटाले में बैंकों और उनके अधिकारियों की कथित मिलीभगत की जांच नहीं कर रही हैं। उन्होंने सीबीआई और ईडी को इस मामले में बैंकों और उनके अधिकारियों के खिलाफ जांच के संबंध में अपनी-अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देने की मांग की।
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