जॉब मार्केट में मंदी, लेकिन एआई और शिक्षा सेक्टर में भर्ती का बूम | JOBS Report 2025
त्योहारों की छुट्टियों के बीच कॉर्पोरेट जगत की भर्ती रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अक्तूबर 2025 में व्हाइट कॉलर नौकरियों की नियुक्तियों में साल-दर-साल आधार पर 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह गिरावट अस्थायी है और इसका मुख्य कारण त्योहारी सीजन के दौरान भर्ती गतिविधियों में आई सुस्ती है।
कौन से सेक्टर रहे आगे, कौन से पिछड़े?
लेखा व वित्त क्षेत्र में नियुक्तियां 15% बढ़ीं
शिक्षा क्षेत्र में 13% की वृद्धि दर्ज की गई
बीपीओ/आईटीईएस क्षेत्र में भी 6% की बढ़ोतरी हुई
वहीं दूसरी ओर, आईटी में 15% और बैंकिंग 24% सहित अन्य सेक्टरों में महीने के दौरान गिरावट देखी गई।
शिक्षा और एआई/एमएल में बढ़ी मांग
शिक्षा क्षेत्र में नियुक्तियों में वृद्धि नए स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों की ओर से हुई। शहरवार डेटा में हैदराबाद (47%), चेन्नई (34%) और बंगलूरू (31%) सबसे आगे रहे। साथ ही, एआई/एमएल प्रोफेशनल्स की मांग में 33% की वार्षिक वृद्धि देखी गई, जो इस क्षेत्र में बढ़ते निवेश का संकेत है।
आईटी सेक्टर में मिली-जुली तस्वीर
आईटी सेक्टर में जहां कुल मिलाकर नियुक्तियां घटी हैं, वहीं ब्लॉकचेन और क्रिप्टोकरेंसी पर काम करने वाली कंपनियों में 60% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि उभरती तकनीकों में निवेश और नई प्रतिभाओं की मांग लगातार बढ़ रही है।
आईटी यूनिकॉर्न दिखा रहे स्थिरता
रिपोर्ट बताती है कि इस महीने आईटी यूनिकॉर्न कंपनियों में भर्ती गतिविधि स्थिर रही, जो विदेशी एमएनसी (14%) और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (15%) की तुलना में बेहतर लचीलापन दिखाती है। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि विशिष्ट और उच्च कौशल प्रतिभाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। कई विशिष्ट भूमिकाओं में असाधारण वृद्धि दर्ज की गई है।
एआई विशेषज्ञता क्षेत्र में दिखे सकारात्मक संकेत
रिपोर्ट में कहा गया है कि मशीन लर्निंग इंजीनियरों की नियुक्ति में 139 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई है, जो उद्योगों में एआई विशेषज्ञता के महत्वपूर्ण महत्व को रेखांकित करता है।
अन्य विशेष भूमिकाएं जिनकी मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, उनमें सर्च इंजीनियर (62 प्रतिशत), मेडिकल बिलर/कोडर (41 प्रतिशत), ट्रांजिशन मैनेजर (35 प्रतिशत) और मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियर (32 प्रतिशत) शामिल हैं।
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