छात्राओं की शिक्षा को मिलेगी रफ्तार
भोपाल : महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने शुक्रवार को झाबुआ जिले में छात्राओं को साइकिल वितरित कर शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का संदेश दिया। यह साइकिल वितरण कार्यक्रम बालक हायर सेकेंडरी स्कूल बरबेट, सांदीपनि विद्यालय पेटलावद और कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेटलावद में आयोजित किया गया।
मंत्री भूरिया ने कहा कि ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों की छात्राओं के लिए विद्यालय तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि “साइकिल वितरण योजना से छात्राओं को न केवल विद्यालय पहुँचने में सुविधा होगी, बल्कि यह उन्हें नियमित, आत्मनिर्भर और शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक बनाएगी।”
मंत्री भूरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण और सर्वसुलभ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि “बेटियों की शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की प्रगति की कुंजी है, और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी बच्ची दूरी या संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।”
बालक हायर सेकेंडरी स्कूल बरबेट में 107, सांदीपनि विद्यालय पेटलावद में 74 तथा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेटलावद में 78 साइकिलों का वितरण किया गया। साइकिल प्राप्त कर छात्राओं के चेहरों पर खुशी झलक उठी। छात्राओं ने मंत्री भूरिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे और अधिक नियमित रूप से विद्यालय आ सकेंगी। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकों, अभिभावकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
राशिफल 23 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कृषि, पशुपालन और उद्यम से जुड़ी धरमजयगढ़ की महिलाएं अब स्थानीय बीजों और अनाजों से बना रहीं राखियां
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन
अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई
मल्हार में खुली छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा
विश्व कप के रण में मध्यप्रदेश का गौरव: हॉकी इंडिया की विश्व कप टीम में हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन
मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर