गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति लेते समय इन बातों का रखें ध्यान, तभी बरसेगा छप्पर फाड़ धन
साल 2025 में दीपावली का पर्व 21 अक्टूबर, मंगलवार को मनाया जाएगा, जिसमें एक सप्ताह से भी काम का समय शेष है. दीपावली का त्यौहार हिंदू धर्म के खास पर्वों में से एक है. इस दिन माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा आराधना करने का विधान बताया गया है. इस त्यौहार को कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, दिवाली के दिन माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी नई मूर्ति को स्थापित करके ही पूजा की जाती है. पुरानी मूर्ति को चलते जल में प्रवाहित कर दिया जाता है.
इन बातों का रखें ध्यान
कि दीपावली पर माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा का विशेष महत्त्व होता है. माता लक्ष्मी धन, सुख समृद्धि और भौतिक सुखों को प्रदान करती हैं जबकि भगवान गणेश रिद्धि सिद्धि बुद्धि विवेक ज्ञान आदि देने वाले हैं. कार्तिक अमावस्या यानी दीपावली के दिन माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की पुरानी मूर्ति को चलते हुए जल में प्रवाहित किया जाता है जबकि नई मूर्ति को घर में स्थापित करके विधि विधान से पूजा की जाती है. माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की मूर्ति खरीदते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. लक्ष्मी और गणेश भगवान की मूर्ति को खरीदते वक्त ध्यान रखें कि उनकी मूर्ति आपस में जुड़ी हुई न हो. माता लक्ष्मी की मूर्ति को अलग लें और भगवान गणेश की मूर्ति को अलग. यदि आप लक्ष्मी गणेश की जुड़ी हुई मूर्ति लेकर आते हैं और दीपावली के दिन पूजा करते हैं तो आपको कोई लाभ/फल नहीं मिलेगा.
नहीं मिलेगा कोई फल
जब माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की मूर्ति को खरीदें तो भली भांति जांच कर ले की दोनों मूर्तियां खंडित न हों. यदि आप खंडित मूर्ति लाकर उनकी पूजा पाठ या अर्चना करेंगे तो आपको कोई फल नहीं मिलेगा. मूर्ति को खरीदते वक्त यह भी जांच कर ले की दोनों मूर्तियां मिट्टी की हो. केमिकल युक्त मूर्ति खरीदने पर साधक को कोई लाभ नहीं मिलता है. जब पुरानी मूर्ति को गंगा या चलते हुए जल में प्रवाहित किया जाता हैं तो केमिकल वाली मूर्ति के कारण जल में रहने वाले जीव जंतुओं पर इसका पूरा प्रभाव होता है जबकि मिट्टी की मूर्ति पानी में घुल जाती है.
कौन कहां है, ये भी जरूरी
दिवाली पर लक्ष्मी गणेश की मूर्ति को खरीदते वक्त ध्यान रखें की दिवाली के दिन घर में सुख समृद्धि, धन, रिद्धि सिद्धि और सभी रुके हुए कार्यों में सफलता के लिए पूजा पाठ की जाती है. ऐसे में गणेश भगवान की वह मूर्ति खरीदें जिसमें उनकी सूंड दाएं ओर हो. पंडित श्रीधर शास्त्री के अनुसार, दीपावली पर माता लक्ष्मी और गणेश भगवान की पूजा करने से पहले यह भी ध्यान रखें की गणेश भगवान माता लक्ष्मी के दाएं ओर होने चाहिए. गणेश भगवान माता लक्ष्मी के दत्तक पुत्र हैं और वह दाएं ओर विराजमान होकर ही सभी सुखों को प्रदान करते हैं.
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